ताज़ा खबर
 

दिल्ली मेरी दिल्ली: देखिए होता है क्या, बिना बेल्ट चालक और पुलिस की असमंजस

कई बार तो विश्वविद्यालय की ओर से देर रात सूचनाएं आती हैं, जिन्हें अखबार में लेना संभव नहीं होता है। इस पर डीयू के एक अधिकारी का कहना है कि अभी तक प्रवेश प्रक्रिया आधे में भी नहीं पहुंची है। आगे-आगे देखिए होता है क्या।

Author Published on: June 24, 2019 3:46 AM
सीटें खाली रहने पर यूनिवर्सिटी स्‍पेशल एडमिशन ड्राइव के माध्‍यम से भी सीटें भर सकता है।

-बेदिल

देखिए होता है क्या
दिल्ली विश्वविद्यालय में सभी पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है, लेकिन विश्वविद्यालय के अधिकारी कोई भी सूचना समय पर नहीं दे रहे हैं। इससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भ्रम की स्थिति है। समय से विभिन्न तरह की सूचनाएं नहीं मिलने से शिक्षा बीट को देखने वाले पत्रकार भी परेशान हैं। कई बार तो विश्वविद्यालय की ओर से देर रात सूचनाएं आती हैं, जिन्हें अखबार में लेना संभव नहीं होता है। इस पर डीयू के एक अधिकारी का कहना है कि अभी तक प्रवेश प्रक्रिया आधे में भी नहीं पहुंची है। आगे-आगे देखिए होता है क्या।

बिना बेल्ट चालक
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तीसरे दिन नोएडा पहुंचे उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंच से लंबा चौड़ा भाषण दिया। सड़क दुर्घटनाओं में आकस्मिक मृत्यु को सड़क सुरक्षा उपायों की अनदेखी करार दिया। जनता से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की अपील की। नसीहत भरे संबोधन के बाद कार्यक्रम खत्म होने पर मंत्री का काफिला वहां से रवाना हुआ, तो काफिले में शामिल अधिकांश गाड़ियों के चालक बगैर सीट बेल्ट लगाए दिखे। कुछ कैमरे वालों को फोटो खींचते देख बगैर सीट बेल्ट लगाए चालकों ने बेल्ट लगाने के बजाए रफ्तार बढ़ाकर वहां से निकलना मुनासिब समझा। कार्यक्रम में मंच से मिली सीख और कुछ ही देर बाद वास्तविकता में उसका उल्ट होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।

पुलिस की असमंजस
मुखर्जी नगर में पुलिस और एक व्यक्ति के बीच में लात-घूसे चलने के बाद पुलिसकर्मी अजमंजस में हैं। कोई शख्स पुलिस को पीटे तो वे क्या करें। बीते दिनों सरेराह जो कुछ भी दिल्ली पुलिसकर्मियों ने किया वह गलत ठहराया जा सकता है। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को आरोपी मानते हुए निलंबित भी कर दिया गया है। पर अब दिल्ली पुलिस के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि अगर किसी शख्स को गलती करने पर दिल्ली पुलिस पकड़ती है और वह शख्स पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने पर उतारू हो जाए तो ऐसी स्थिति में क्या किया जाए? क्या पुलिसकर्मी हाथ पर हाथ धरे पिटाई खाते रहें या अपने बचाव में विरोध करें। सवाल यह भी उठता है कि अगर किसी शख्स के साथ पुलिस सख्ती से पेश आती है और शख्स बीच सड़क पर पुलिस का विरोध करने लगे और हाथापाई पर उतारू हो जाए तो ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मी क्या करें। अगर शख्स पुलिसकर्मियों से छूटकर भाग जाता है तो इसमें भी पुलिसकर्मी की ही किरकिरी होगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भाजपा को घेरा, राजधानी में 24 घंटे में 9 हत्याओं पर ‘आप’ ने उठाए सवाल
2 दो महीने बाद भी बिहार पुलिस के लिए मिस्ट्री बनी है भागलपुर का ‘तेजाब कांड’, 37 दिन बाद पीड़िता की मौत
3 Rajasthan: बाड़मेर में रामकथा सुनने गए लोगों पर आंधी-तूफान का कहर, पंडाल गिरा, करंट लगने से 14 की मौत
ये पढ़ा क्या?
X