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दिल्लीः गोतस्करी के शक पर फार्महाउस में घुस कर एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या, छह जख्मी

पुलिस ने मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की हैं – एक घायल व्यक्ति की शिकायत पर और दूसरी स्थानीय लोगों की शिकायत पर दर्ज की है। पुलिस ने कहा कि उन्होंने कथित गोहत्या के आरोप में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि हत्या और हमले के मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

Cow Smuggling, Delhi Crime
पुलिस के मुताबिक पीड़ित के परिवार ने किसी भी तरह के गोहत्या किए जाने के आरोपों से इनकार किया है। (Photo- Indian Express file)

जिग्नासा सिन्हा

दिल्ली के द्वारका इलाके में एक फार्म हाउस की देखरेख करने वाले 40 वर्षीय शख्स की करीब 15 लोगों के एक समूह ने गोहत्या की आशंका में पीट-पीटकर मार डाला। हमले में छह अन्य लोग भी घायल हो गए। घटना से कुछ देर पहले पुलिस फार्म हाउस की ओर ही जा रही थी।

पुलिस के मुताबिक पीड़ित राजाराम (40) फार्महाउस पर काम करता था और आसपास के ग्रामीणों को दूध भी बेचता था। उनके परिवार ने किसी भी तरह के गोहत्या किए जाने के आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्हें बिना किसी कारण “स्थानीय लोगों” ने निशाना बनाया। उनकी पत्नी झासो देवी ने मंगलवार को दावा किया कि स्थानीय लोगों ने उसके बीमार पति के बारे में अफवाह फैलाई थी और उनका दोष सिर्फ इतना था कि वह गुजारे के लिये गाय का दूध बेचते थे और ई-रिक्शा चलाते थे। देवी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मेरे पति निर्दोष थे। वास्तव में, वह लिवर से संबंधित बीमारी के कारण एक साल से अधिक समय से बीमार थे, जिसका इलाज चल रहा था। वह कभी भी गोहत्या या किसी भी अवैध गतिविधियों में लिप्त नहीं थे।”    

पुलिस ने कहा कि उन्हें घटना की सूचना सोमवार दोपहर करीब दो बजे मिली। एक अधिकारी ने कहा, “हमें छावला इलाके के एक फार्महाउस से गायों को मारने और गोमांस बेचने में शामिल होने के संदेह में पुरुषों के एक समूह के बारे में जानकारी थी। हमारा स्टाफ घर जा रहा था, तभी हिंसा को लेकर उसी जगह से पीसीआर कॉल आई। जब हम मौके पर पहुंचे तो देखा कि युवकों पर हमला किया जा रहा है। कर्मचारियों ने हस्तक्षेप किया और सभी घायलों को पास के अस्पतालों में ले जाया गया।”

पुलिस ने मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की हैं – एक घायल व्यक्ति की शिकायत पर और दूसरी स्थानीय लोगों की शिकायत पर दर्ज की है। पुलिस ने कहा कि उन्होंने कथित गोहत्या के आरोप में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि हत्या और हमले के मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

घायल लोगों में से एक एमडी शानू की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, उसे और कुछ अन्य लोगों को राजाराम ने सोमवार रात को बुलाया था। शानू पहले राजाराम के लिए काम करता था और वह करीब 500-1,000 रुपये पा जाता था।

प्राथमिकी के मुताबिक राजाराम घर के अंदर था। उसी वक्त हमलावरों का एक समूह, जो खुद को “गौ रक्षक” बता रहा था, घर में घुस गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पुरुषों ने उनसे पूछताछ की और उनके साथ मारपीट की। बाद में पुलिस पहुंची और उनको रोका तथा घायलों को अस्पताल ले गई, जहां इलाज के दौरान राजाराम की मौत हो गई।

नाम बताने से इंकार करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “टीम ने मौके से कुछ नमूने एकत्र किए और इसे जांच के लिए भेजा। इस बीच, कर्मचारियों ने गोहत्या में कथित रूप से शामिल पांच स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया है।”

शंकर चौधरी, डीसीपी (द्वारका) ने कहा, “गोहत्या की घटना की सूचना मिली और टीम ने मामले में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया। बाद में, एक आरोपी शानू ने आरोप लगाया कि बदमाशों ने उनकी पिटाई की। राजाराम, जो गोहत्या के मामले में एक संदिग्ध था, को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे आरटीआरएम अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। हम मामले की जांच कर रहे हैं और बदमाशों को गिरफ्तार करेंगे।”

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