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दिल्लीः पूर्व GF की दूसरे से दोस्ती न कर सका बर्दाश्त! फ्लैट में घुस लड़की और उसकी मां को चाकुओं से गोद उतारा मौत के घाट

दो-तीन महीने पहले उसने एक अन्य युवक से दोस्ती कर ली थी और उसके साथ पार्टियों में जाना शुरू कर दिया था। यह भी एक कारण हो सकता है कि इससे विक्रांत नाखुश हो।

Author नई दिल्ली | Updated: March 10, 2020 11:19 AM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

जनसत्ता संवाददाता/निर्भय कुमार पांडेय।

दिल्ली के न्यू अशोक नगर थाना क्षेत्र में मां-बेटी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। वारदात के बारे में सबसे पहले सोमवार सुबह काम करने पहुंची घरेलू सहायिका को पता लगा था। उसने जैसे ही दरवाजा खोला, दोनों शव खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे। जानकारी पर पुलिस जांच टीम ने पाया कि दोनों के शरीर पर चाकू गोदने के कई निशान हैं। महिला की पहचान सुमिता (60) और बेटी समरिता (25) के तौर पर हुई है।

शुरुआती छानबीन के आधार पर सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध दिखे हैं, जिनमें से एक समरिता के साथ लिव इन में रहने वाला गढ़ी गांव, अमर कॉलोनी निवासी युवक विनय उर्फ विक्रांत नागर बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल मौके से सबूत जुटाए गए हैं। साथ ही घटनास्थल से अपराध की टीम और एफएसएल की टीम ने भी साक्ष्य जुटा लिए हैं। पुलिस ने हत्या के अलावा अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और विक्रांत की तलाश में जुटी है।

पुलिस ने बताया कि मूलरूप से केरल की रहने वाली सुमिता और उसकी बेटी समरिता पिछले 20 सालों से वसुंधरा एन्क्लेव स्थित मनसारा अपार्टमेंट के बी 303, में रहती थीं। करीब 22 साल पहले सुमिता के पति की मौत हो चुकी है। सुमिता नोएडा-142 की एक गैर सरकारी संस्थान में ऊंचे पद पर नौकरी करती थीं, वहीं बेटी ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक पांच सितारा होटल में हॉस्पिटैलिटी में प्रशिक्षण शुरू की थी।

होली के एक दिन पहले मां-बेटी सोमवार को छुट्टी पर थी। सुबह करीब आठ बजे काम करने वाली घरेलू सहायिका घर पहुंची और दरवाजा खोला तो उसने देखा कि घर में अलग-अलग कमरों में सुमिता और समरिता की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। घरेलू सहायिका के शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शुक्रवार को आखिरी बार दोनों अपने-अपने दफ्तर गईं थी। पुलिस को घर का सारा सामान फैला हुआ मिला है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि घर में रखे जेवरात व कैश भी गायब हैं। दोनों की हत्या क्यों हुई, इसका फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है।

पुलिस आपसी रंजिश, लूटपाट, प्रेम प्रसंग समेत तमाम दृष्टिकोणों से मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घर में जोरजबर्दस्ती के कोई सुराग नहीं मिले हैं। ऐसा लगता है कि वारदात को किसी जानकार ने अंजाम दिया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी विक्रांत उर्फ विनय नागर दिल्ली छोड़कर बस से जयपुर फरार हो गया था। जांच के दौरान इसकी जानकारी मिलने के बाद राजस्थान पुलिस से संपर्क साध कर दिल्ली पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया।

लिवइन के बाद हुई थी दोनों में अनबनः विनय गुर्जर समरिता का प्रेमी है। वारदात की जानकारी जैसे ही समरिता के दोस्तों को मिली वे वुसंधरा पहुंचे। उसकी स्कूली दोस्त प्रेरणा ने बताया कि रविवार रात को पार्टी कर अपने घर अकेली कार से लौट रही थी। उस वक्त उसने गाना गाते हुए वॉट्सऐप पर अपना स्टेटस अपडेट किया था। स्टेटस में वह काफी खुश दिख रही थी।

प्रेरणा ने बताया कि एक पुराने मित्र की मदद से उसकी दोस्ती विक्रांत से हुई थी। उसके बाद मिलने का सिलसिला शुरू हुआ और लिव-इन में रहने लगे। पर एक साल पहले दोनों के बीच अनबन होने लगी। इस कारण समरिता उससे छुटकारा पाना चाहती थी। यही कारण है कि उससे दूरी बनाने लगी थी।

दो-तीन महीने पहले उसने एक अन्य युवक से दोस्ती कर ली थी और उसके साथ पार्टियों में जाना शुरू कर दिया था। यह भी एक कारण हो सकता है कि इससे विक्रांत नाखुश हो। हालांकि, वह विक्रांत के बुलावे पर दोस्तों के साथ मिलने के लिए चली जाती थी, लेकिन तय कर लिया था कि वह उसके साथ शादी नहीं करेगी। प्रेरणा ने बताया कि विक्रांत ने उन्हें यह बताया हुआ था कि उसके माता-पिता नहीं हैं। वह अपनी मौसी के साथ रहता था। उसने एक दो टीवी नाटक में काम किया हुआ था। उसे बॉडी बनाने का शौक था।

प्ररेणा ने बताया कि समरिता और उसकी मां उसकी आर्थिक तौर पर भी मदद करती थीं। वह अक्सर उनके घर पर ही रुक जाया करता था। मां-बेटी ही घर में रहती थीं। इस कारण विक्रांत को रुकने से किसी को परेशानी नहीं होती थी। बाजार में खरीदारी करने के अलावा अन्य सामान भी उसे दिया करते थे। कई बार तो वह घरेलू सामान लेकर जाया करता था। वह अक्सर उनके घर आता था। इस कारण सोसायटी के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी उसे रोकते नहीं थे। हालांकि, वारदात के बाद वह इस कदर डर गया था कि फरार होते वक्त उसने कार से सोसायटी का गेट तोड़ दिया था।

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