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दिल्ली में सभी लोगों का इलाज होगा, LG ने पलटा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का फैसला

उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली के अस्पतालों में बाहरी लोगों के इलाज नहीं करने संबधी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का फैसला बदल दिया है।

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दिल्ली में अब सभी लोगों का इलाज हो सकेगा। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सभी राज्य के लोगों के इलाज करने की बात कही है। मीडिया रिपोर्ट में यह सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। इस तरह उपराज्यपाल ने दिल्ली के अस्पतालों में बाहरी लोगों के इलाज नहीं करने संबधी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का फैसला बदल दिया है।

इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि एलजी साहब के आदेश ने दिल्ली के लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या और चुनौती पैदा कर दी है। देशभर से आने वाले लोगों के लिए करोना महामारी के दौरान इलाज का इंतज़ाम करना बड़ी चुनौती है। केजरीवाल ने आगे कहा कि शायद भगवान की मर्ज़ी है कि हम पूरे देश के लोगों की सेवा करें। हम सबके इलाज का इंतज़ाम करने की कोशिश करेंगे।

इससे पहले, उपराज्यपाल ने दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा कोरोना वायरस के लिए सिर्फ लक्षणों वाले मामलों को टेस्ट करने के आदेश की जगह आईसीएमआर गाइडलाइंस के अनुसार बिना लक्षण वाले मामलों को भी टेस्ट करने का आदेश दिया है। बैजल ने कहा “एनसीटी ऑफ दिल्ली से संबंधित अधिकारियों और विभागों को निर्देश दिया है कि COVID-19 टेस्टिंग के लिए ICMR द्वारा 18 मई को जारी की गई नीति को NCT ऑफ दिल्ली में बिना किसी विचलन के सख्ती से लागू किया जाए।”

दिल्ली के उपराज्यपाल और DDMA अध्यक्ष अनिल बैजल ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि दिल्ली के निवासी नहीं होने के आधार पर किसी भी रोगी को चिकित्सा उपचार से इनकार नहीं किया जाएगा। बैजल के इस फैसले के बाद दिल्ली डिप्टी CM मनीष सिसोदिया का कहना है कि बीजेपी ने उपराज्यपाल पर दबाव डाला और उन्हें हमारे फैसले से पलट दिया। सिसोदिया ने कहा “अब दिल्ली के अस्पतालों में दिल्ली के लोगों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। कोरोना वायरस पर भाजपा राजनीति क्यों कर रही है और राज्य सरकारों की नीतियों को विफल करने की कोशिश क्यों कर रही है ?”

वहीं दिल्ली के सीएम का कहना है कि LG साहिब के आदेश ने दिल्ली के लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या और चुनौती पैदा कर दी है। देशभर से आने वाले लोगों के लिए करोना महामारी के दौरान इलाज का इंतज़ाम करना बड़ी चुनौती है।शायद भगवान की मर्जी है कि हम पूरे देश के लोगों की सेवा करें।हम सबके इलाज का इंतजाम की कोशिश करेंगे।

दिल्ली सरकार ने कहा था कि दिल्लीवासियों की राय के आधार पर यह फैसला लिया गया है कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली में रहने वाले लोगों का इलाज किया जाए। इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय में सोमवार को एक याचिका दायर कर आप सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें उसके तहत आने वाले सभी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि इलाज के लिये सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी के “वास्तविक” निवासियों को ही भर्ती करें।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि दिल्ली सरकार ने 4 डॉक्टरों की एक कमेटी बनाई थी, इस कमेटी ने अध्ययन के बाद जो रिपोर्ट पेश की है, उसके अनुसार दिल्ली में अगले कुछ दिनों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। जून के अंतिम सप्ताह तक दिल्ली को 15 हजार कोविड बेड की जरूरत होगी। और दिल्ली में मौजूदा वक्त में सिर्फ 10 हजार बेड ही उपलब्ध हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार ने दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सरकारी अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में दिल्ली वासियों के लिए बेड रिजर्व कर दिए हैं। हालांकि केंद्र सरकार के अस्पतालों में सभी का इलाज किया जा सकेगा।

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