दिल्ली सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए अपने प्रमुख वादों में से एक को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंगलवार को ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को कैबिनेट की मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

अन्य राज्यों की इसी तरह की योजनाओं के उलट, दिल्ली लक्ष्मी योजना में पात्रता, अपात्रता और राशि के इस्तेमाल को लेकर कई अलग-अलग नियम बनाए गए हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से दिल्ली की करीब 17 लाख महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार ने 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 5110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

दिल्ली लक्ष्मी योजना: कौन होंगी पात्र?

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा-

-जिनकी आयु 21 से 60 वर्ष के बीच हो।
-जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक हो।
-जिनके तीन से अधिक बच्चे नहीं हों। तीन से ज्यादा बच्चों वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।

दिल्ली लक्ष्मी योजना: कैसे मिलेगी सहायता?

इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को नकद राशि सीधे हाथ में नहीं दी जाएगी।

-इसके बजाय उन्हें दो विकल्प दिए जाएंगे-
-पूरी 2 500 रुपये की राशि रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश की जा सकती है।
-या फिर 1500 रुपये बचत/निवेश के लिए रखे जाएंगे और शेष राशि डिजिटल रुपया (Digital Rupee) वॉलेट के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी।

यानी योजना के तहत मिलने वाली राशि का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना ही नहीं बल्कि महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देना और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करना भी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की। उन्होंने कहा, ”इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल 1 अगस्त से शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि पात्र लाभार्थियों को रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त को पहली किस्त जारी की जाए।”

उन्होंने कहा, ”यह योजना लाखों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का एक नया अध्याय शुरू करेगी। दिल्ली सरकार ने सत्ता संभालने के एक वर्ष से थोड़े ज्यादा समय के भीतर महिलाओं से किया गया यह महत्वपूर्ण वादा पूरा कर दिया है।”

दिल्ली लक्ष्मी योजना: सहायता राशि लेने के दो विकल्प

योजना के तहत मिलने वाली 2500 रुपये की मासिक सहायता लेने के लिए महिलाओं को दो विकल्प दिए जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, उन विकल्पों का उद्देश्य लाभार्थियों को फ्लेक्सिबिलिटी ऑफर करना है ताकि वे अपनी जरूरत के अनुसार तत्काल आर्थिक सहायता और लॉन्गटर्म सेविंग के बीच चुनाव कर सकें।

पहला विकल्प:

जिन परिवारों को हर महीने घरेलू खर्च के लिए नियमित नकदी की जरूरत है, वे इस मॉडल को चुन सकते हैं। इसके तहत हर महीने 1000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में भेजे जाएंगे जिनका इस्तेमाल रोजमर्रा की जरूरतों के लिए किया जा सकेगा। वहीं 1500 रुपये रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा किए जाएंगे।

अधिकारी ने बताया कि इससे महिलाओं की तत्काल जरूरतें भी पूरी होंगी और साथ ही समय के साथ उनकी बचत भी बढ़ेगी।

दूसरा विकल्प:

जो महिलाएं लंबी अवधि की बचत को प्राथमिकता देना चाहती हैं, वे पूरी 2,500 रुपये की मासिक राशि RD या FD खाते में जमा कराने का विकल्प चुन सकती हैं। इस विकल्प के तहत योजना की अवधि में ब्याज सहित अधिक राशि जमा हो सकेगी जिससे लाभार्थियों को भविष्य के लिए बड़ा बचत कोष तैयार करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली लक्ष्मी योजना: क्या नहीं कर सकेंगी लाभार्थी?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, CBDC (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) वॉलेट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सरकार की ओर से दी जाने वाली वित्तीय सहायता का उपयोग घरेलू जरूरतों और रचनात्मक खर्चों के लिए ही हो ना कि सामाजिक रूप से अवांछनीय गतिविधियों में।

इसके लिए वॉलेट में ‘नेगेटिव लिस्ट’ (Negative List) लागू की जाएगी। इसका मतलब है कि कुछ खास श्रेणियों के सामान और सेवाओं पर होने वाले भुगतान को तकनीकी रूप से खुद ब्लॉक कर दिया जाएगा।

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, CBDC वॉलेट में जमा राशि का इस्तेमाल इन चीजों की खरीद के लिए नहीं किया जा सकेगा-
-शराब और अन्य मादक पेय पदार्थ
-तंबाकू उत्पाद
-मादक और मनोप्रभावी (Psychotropic) पदार्थ
-लॉटरी टिकट
-जुआ और सट्टेबाजी से जुड़ी सेवाएं
-केंद्र या राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधित घोषित अन्य सामान और सेवाएं

एक अधिकारी ने बताया कि ये प्रतिबंध CBDC प्लेटफॉर्म के जरिए तकनीकी रूप से लागू किए जाएंगे। यानी अगर कोई लाभार्थी प्रतिबंधित श्रेणी के व्यापारी (Merchant Category) के यहां भुगतान करने की कोशिश करेगा तो लेनदेन अपने आप अस्वीकार हो जाएगा।

हालांकि, रोजमर्रा की घरेलू जरूरतों और अन्य वैध वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीदारी के लिए CBDC वॉलेट का सामान्य रूप से इस्तेमाल किया जा सकेगा।

एक अन्य अधिकारी ने कहा, ”दिल्ली लक्ष्मी योजना की यह सबसे खास विशेषताओं में से एक है जिसमें सरकारी आर्थिक सहायता को सार्वजनिक धन के जिम्मेदार उपयोग के साथ जोड़ा गया है।”

बैंक और योजना की अवधि

सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने कुछ बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया है। इनमें से जिस बैंक में RD और FD पर सबसे ज्यादा ब्याज दर मिलेगी, उसी का चुनाव किया जाएगा। लाभार्थियों के अकाउंट उनके नाम पर खोले जाएंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि योजना शुरुआती तौर पर तीन वर्षों के लिए लागू की जाएगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार इसमें संशोधन कर इसे आगे भी जारी रखा जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पूरी आवेदन प्रक्रिया ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन होगी। आवेदन की जांच, अंतिम मंजूरी और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला स्तर पर पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है।

रक्षाबंधन से पहले दिल्ली सरकार ने दिया महिलाओं को तोहफा

राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाली मह‍िलाओं को हर माह 2500 रुपये अब मिलेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने इस चुनावी वादे को पूरा करने का अब ऐलान कर दिया है। मुख्‍यमंत्री रेखा गुप्‍ता की अध्‍यक्षता में मंगलवार को हुई द‍िल्‍ली कैब‍िनेट की बैठक में लक्ष्‍मी योजना को मंजूरी दे दी है। दिल्ली सरकार की ओर से फैसला लिया गया है कि अब हर माह द‍िल्‍ली की महिलाओं को 2500 रुपये की राश‍ि उनके खातों में दी जाएगी।