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गायों के लिए ‘पीजी हॉस्टल’ बनवाएगी केजरीवाल सरकार, जानें और क्या है तैयारी

दिल्ली सरकार सरकार अब गायों के लिए हॉस्टल शुरू करने जा रही है। बढ़ते बेसहारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए पालतू पशुओं में माइक्रोचिप भी लगा सकती है।

Author Updated: January 10, 2019 8:20 AM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Pixabay)

दिल्ली की केजरीवाल सरकार अब गायों के लिए हॉस्टल शुरू करने जा रही है। दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय के मुताबिक इन हॉस्टलों में गायों के खाने-पीने से लेकर देखभाल की सभी सुविधाएं होंगी। हॉस्टल को कैसे संचालित किया जायेगा और इसकी जिम्मेदारी किस पर होगी, इन सबकी रूपरेखा एनीमल हसबेंडरी विभाग के अधिकारी संबंधित विभागों से बातचीत के बाद तैयार की जाएगी। बता दें कि हॉस्टल की सुविधा के लिए गाय के मालिक को एक निश्चित राशि अदा करनी होगी। साथ दिल्ली सरकार बढ़ते बेसहारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए पालतू पशुओं में माइक्रोचिप भी लगा सकती है।

दरअसल, दिल्ली सरकार की पशु-पक्षियों को लेकर बनाई गई नीति में इस बात का प्रावधान किया गया है कि दिल्ली में बढ़ते बेसहारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए पालतू पशुओं में माइक्रोचिप लगाया जाए। मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली में पशु-पक्षियों को लेकर अभी तक कोई नीति नहीं थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की एनीमल हेल्थ और वेलफेयर पॉलिसी-2018 का उद्देश्य पशु-पक्षियों के लिए बेहतर माहौल बनाना है। राय के अनुसार दिल्ली में बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या और समस्या चिंताजनक है। जिसे देखते हुए पालतू जानवरों में माइक्रोचिप लगाने का सुझाव आया है। उन्होंने कहा कि चिप लगने के बाद बेसहारा पशु किसका है ये पता लगाकर पशु मालिक पर कार्यवाई की जा सकेगी।

गोपाल राय के मुताबिक दिल्ली सरकार गोशाला को वृद्धा आश्रम से जोड़ने की योजना बना रही है जिसमें बुजुर्ग लोग गायों की सेवा कर सकेंगे। दिल्ली में गोशालाओं की कमी को देखते हुए हर जिले में दो से तीन गोशाला बनाए जाने की योजना भी है। गौरतलब है कि सरकार के प्रस्ताव में एनीमल हसबेंडरी विभाग का नाम बदलकर एनीमल हेल्थ एंड वेलफेयर करना, घुम्मन हेड़ा गांव में 18 एकड़ जमीन पर गौशाला के साथ वृद्धा आश्रम बनाकर बुजुर्ग गायों की सेवा करना, हर जिले में 2-3 गौशाला बनाना और 16 जनवरी को तीस हजारी के पास पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक अस्पताल शुरू करना आदि शामिल है।

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में कुत्तों और बंदरों को लेकर भी कोई नीति नहीं है। इसीलिए इन जानवरों की परेशानी दूर करने के लिए पशु स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति बनाई गई है, जिसमें और भी कई प्रस्ताव शामिल हैं।

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