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केंद्र की अधिसूचना के खिलाफ याचिकाएं खारिज

दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में नौकरशाहों की नियुक्ति और दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा (एसीबी) के अधिकार क्षेत्र को लेकर उपराज्यपाल की शक्तियों पर केंद्र द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं गुुरुवार को खारिज कर दीं।

Author नई दिल्ली | Published on: September 9, 2016 1:15 AM
सीएम अरविंद केजरीवाल

दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में नौकरशाहों की नियुक्ति और दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा (एसीबी) के अधिकार क्षेत्र को लेकर उपराज्यपाल की शक्तियों पर केंद्र द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं गुुरुवार को खारिज कर दीं। न्यायमूर्ति बदर दुर्रेज अहमद और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार के पीठ ने हाई कोर्ट के दो सदस्यीय पीठ के चार अगस्त को सुनाए गए फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर फैसले में पहले ही विचार किया जा चुका है। पीठ ने कहा, ‘यह इसलिए स्पष्ट है कि हमारे समक्ष जो दलीलें पेश करने की मांग की जा रही हैं वो दो सदस्यीय पीठ संख्या 1 (जिसने चार अगस्त को अपना फैसला सुनाया था) उसके समक्ष भी पेश की गई थी और उन दलीलों को खारिज कर दिया गया था। दो सदस्यीय पीठ ने साफ तौर पर कहा है कि (केंद्र द्वारा जारी) उस अधिसूचना में दिए निर्देश न तो अवैध थे और न ही असंवैधानिक’।

याचिकाओं में गृह मंत्रालय द्वारा पिछले साल 21 मई और 23 जुलाई 2014 को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई थी। इसमें उपराज्यपाल को सेवाओं के साथ जुड़े मामलों में शक्तियों का इस्तेमाल करने और केंद्र सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अपराध का संज्ञान नहीं लेने का एसीबी को निर्देश देने की शक्ति दी गई थी।

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल (एएसजी) मनिंदर सिंह ने कहा कि दोे याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों से चार अगस्त के फैसले में पहले ही विस्तार से चर्चा की जा चुकी है और मामला अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। दोनों याचिकाकर्ताओं की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं ने दावा किया कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे अलग हैं और फैसले में इसपर विचार नहीं किया गया था। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी की अध्यक्षता वाले हाई कोर्ट के दो सदस्यीय पीठ ने चार अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी के शासन में उपराज्यपाल की प्रशासनिक शक्तियों को लेकर केंद्र और आप सरकार के बीच खींचतान से उपजी याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया था।

हाई कोर्ट ने कहा था कि सेवा मामले विधानसभा के दायरे से बाहर आते हैं और एसीबी को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ जांच पर आगे बढ़ने से रोकने वाली केंद्र की 21 मई 2015 की अधिसूचना न तो अवैध थी और न ही असंवैधानिक। सुप्रीम कोर्ट के अरविंद केजरीवाल नीत आप सरकार के हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए दायर की गई छह अपीलों पर शुक्रवार को सुनवाई करने की संभावना है। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि उपराज्यपाल राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक प्रमुख हैं।

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