हाल ही में दिल्ली सरकार ने राजधानी के ऐतिहासिक स्मारकों को संरक्षित करने व गोद देने की योजना की घोषणा की है। इन्हीं में से एक हस्तसाल गांव में बनी मीनार भी है, जिसे संरक्षित किया जाएगा। लेकिन इसी मीनार से महज 150-200 मीटर की दूरी पर बनी बारादरी को दिल्ली सरकार भूल गई है, जोकि अतिक्रमण के कारण अपनी सुंदरता को खो रही है।

इस बारादरी का निर्माण शाहजहां द्वारा करवाया गया था और इसे बारादरी महल आज भी कहा जाता है। लेकिन इसे चारों तरफ से स्थानीय लोगों ने कब्जा लिया है। मात्र 15 फुट की गली से होकर जब आप बारादरी महल की ओर जाएंगे तो अतिक्रमण की वजह से यह नजर तक नहीं आएगा। इसके बाहरी परिसर के साथ ही महल की दीवारों से सटकर लोगों ने अपने मकान खड़े कर लिए हैं।

हस्तसाल नाम क्यों पड़ा?

इतिहासकार बताते हैं कि पहले यहां एक झील हुआ करती थी जोकि एक विशाल गर्त थी और बरसात में इसमें पानी लबालब भर जाया करता था। यहां मुगलकाल के दौरान हाथियों को नहलाया जाता था, जिसकी वजह से इसका नाम हस्तसाल पड़ा। इस झील के नजदीक ही शाहजहां ने एक दोमंजिला महल का निर्माण करवाया था, इसी महल को बारादरी महल कहा जाता है। यहां मुगल शासक शाहजहां शिकार के दौरान रुका करते थे, यह उनका शिकारगाह हुआ करती थी।

अब जहां इसके निचले परिसर को इलाके के लोगों ने ताला लगाकर बंद कर दिया है, वहीं ऊपरी मंजिल जोकि एक हालनुमा दो कमरों में बंटी हुई है वह खुला हुआ है। यहां तक संकरी सीढ़ियों से होकर ऊपर जाया जा सकता है। लाल पत्थरों से बनी इस इमारत को स्थानीय लोगों ने सफेद रंग से जहां रंगकर खराब कर दिया है। वहीं इमारत को भी खासा नुकसान पहुंचा है।

लोगों ने बारादरी को बना दिया कूड़ाघर

हालात यह है कि यहां कोई सूचना पट्ट तक नहीं लगाया गया है। इतना ही नहीं आस-पास रहने वाले लोगों द्वारा बारादरी को कूड़ाघर बना दिया गया है। लोगों ने महल की दीवारों पर नाम लिखकर इसे गंदा कर दिया है। अगर समय पर इसका संरक्षण नहीं किया गया तो यह इमारत खत्म हो जाएगी। हस्तसाल निवासी मुकेश सहोत्रा ने बताया कि वे बचपन से इस बारादरी को देखते आ रहे हैं। पहले अतिक्रमण इतना ज्यादा नहीं था लेकिन अब बढ़ गया है। बारादरी के नीचे के हिस्से को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है सिर्फ ऊपरी हिस्से तक ही जाया जा सकता है। सरकार को चाहिए कि इसका भी संरक्षण करें और अवैध कब्जों को हटवाए।

यह भी पढ़ें- दिल्ली में 160 मिमी तक बारिश, 18 राज्यों में भारी वर्षा और 85 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी

मानसून अब पूरे देश में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका असर राजधानी दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और केरल तक साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में बुधवार रात शुरू हुई बारिश गुरुवार सुबह मूसलाधार हो गई और दोपहर करीब एक बजे तक जारी रही। लगातार हुई बारिश से दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर जलभराव हो गया, यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई इलाकों में वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। पढ़ें पूरी खबर