दिल्ली सरकार अब अपने विभिन्न विभागों में तबादला क्षमता (डायवर्टेड कैपेसिटी) पर काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में वापस बुलाने की तैयारी कर रही है। खासकर दिल्ली अधीनस्थ सेवाएं (डीएसएस) कैडर के अधिकांश स्टाफ की तैनाती इस पहल का मुख्य केंद्र बनी हुई है।
लंबे समय से विभिन्न विभागों में डायवर्टेड कैपेसिटी पर अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री कार्यालय, मंत्रियों के कार्यालय, सरकारी आवास और मुख्य सचिव कार्यालय जैसी प्रमुख इकाइयां शामिल हैं। इस व्यवस्था के चलते मूल विभागों के कामकाज पर असर पड़ रहा था, जिसे सेवाएं विभाग ने स्वीकार किया है।
सेवाएं विभाग के विशेष सचिव अजय कुमार बिष्ट ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे कैडर समीक्षा करें। अगले तीन माह के भीतर यह आकलन किया जाएगा कि स्वीकृत पदों की तुलना में किस विभाग में कितने अधिकारी-कर्मचारी डायवर्टेड कैपेसिटी पर तैनात हैं और उन्हें मूल विभाग में लौटाया जाए।
‘कर्मचारियों की स्थायी पोस्टिंग समाधान नहीं’
इसके साथ ही प्रशासनिक सुधार विभाग को एक विस्तृत प्रस्ताव भी भेजने का आदेश दिया गया है। सेवाएं विभाग ने माना है कि डायवर्टेड कैपेसिटी पर तैनाती अस्थायी प्रशासनिक उपाय के रूप में तो हो सकती है, लेकिन यह कर्मचारियों की स्थायी पोस्टिंग का समाधान नहीं है। मौजूदा समय में डीएसएस कैडर के सभी ग्रेड में कर्मचारियों की कमी है, जिससे विभाग अपनी स्वीकृत संख्या के अनुसार स्टाफ तैनात नहीं कर पा रहा है।
इस समस्या को दूर करने के लिए विभागों में नए पद सृजित करने की जरूरत महसूस की गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दिल्ली सरकार में डीएसएस और स्टैनो कैडर के अधिकारी-कर्मचारी लगभग 16,000 से 16,500 हैं।
इसमें अकेले डीएसएस कैडर के सहायक अनुभाग अधिकारियों (एएसओ) की संख्या लगभग 2,000 है, जबकि स्टैनो कैडर के अधिकारी-कर्मचारी करीब 4,000 हैं। लगभग 500 से 600 अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न विभागों में डायवर्टेड कैपेसिटी पर तैनात हैं। अब इन्हें मूल विभाग में लौटाकर विभागीय कामकाज को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
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दिल्ली सरकार ने हाल ही में राजधानी के दो बड़े सरकारी अस्पतालों में दो नए विशेष चिकित्सा पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में गायनोकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी फेलोशिप और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में फैमिली मेडिसिन में डीएनबी प्राइमरी पाठ्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। लेकिन इसी बीच लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में पहले से संचालित पाठ्यक्रमों का भविष्य अनिश्चित है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
