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दिल्ली में कम हो सकती है शराब पीने की कानूनी उम्र, एक्साइज डिपार्टमेंट को सलाह- ड्राई डे की संख्या भी घटाएं

एक अफसर ने बताया कि सुझाव देने वाले लोगों का कहना है कि अगर वोट करने की कानूनी उम्र 18 रखी गई है, शादी की 21 है तो शराब पीने की उम्र 25 क्यों रखी जाए।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: January 23, 2021 8:26 PM
Liquor, Delhiएक्साइज डिपार्टमेंट को दिल्ली में बार, रेस्त्रां और क्लब्स को रात 3 बजे तक खुले रखने के भी सुझाव मिले हैं। (फाइल फोटो- PTI)

देश की राजधानी में बड़ी संख्या में लोगों ने शराब खरीदने और पीने की कानूनी उम्र सीमा घटाने की बात का समर्थन किया है। इसके अलावा कई लोगों ने बार, क्लब और रेस्त्रां को देर रात 3 बजे तक खुले रखने का विचार भी सामने रखा है, ताकि दिल्ली में नाइटलाइफ कल्चर को बढ़ावा दिया जा सके। मजेदार बात यह है कि इसके लिए खुद दिल्ली सरकार के एक्साइज डिपार्टमेंट ने लोगों से सुझाव मांगे थे। विभाग को करीब 10 हजार सुझाव मिले हैं।

एक्साइज डिपार्टमेंट ने क्या पूछे थे सवाल?: दरअसल, हाल ही में दिल्ली सरकार ने राजधानी में आबकारी शुल्क से राजस्व बढ़ाने और शराब के दाम तय करने को आसान बनाने के बारे में जरूरी सुझाव देने के लिए एक कमेटी का गठन किया था। इसी समिति के सुझावों के आधार पर एक्साइज डिपार्टमेंट ने अपनी नीतियों में बदलाव के लिए जनता से कुछ सवाल पूछे थे। इनमें शराब लेने की उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल करने, शराब कारोबार में निजी भागीदारी बढ़ाने और रात में शराब की दुकान खोलने से जुड़े सवाल पूछे गए थे।

पड़ोसी राज्यों में कम है पीने की कानूनी उम्र: एक अफसर ने बताया कि दिल्ली में लोग शराब पीने की कानूनी उम्र घटाना चाहते हैं, क्योंकि बाकी पड़ोसी राज्यों के मुकाबले दिल्ली में यह उम्र सीमा सबसे ज्यादा है। लोगों का कहना है कि अगर वोट करने की कानूनी उम्र 18 रखी गई है, शादी की 21 है तो शराब पीने की उम्र 25 क्यों रखी जाए। अफसर ने कहा कि इस उम्र की सीमा की वजह से दिल्ली के ज्यादातर युवा गुड़गांव, नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर के दूसरे शहरों में जाते हैं। इसके चलते ही दिल्ली सरकार के राजस्व में कमी आ जाती है।

ड्राई डे की संख्या कम करने का भी सुझाव: इसके अलावा सरकार को जो सुझाव मिले हैं, उनमें बार और क्लब्स की समय सीमा देर रात 1 बजे से बढ़ाकर 3 बजे करने के लिए कहा गया है, ताकि लोग बेहतर नाइटलाइफ का मजा ले सकें। इसके अलावा इससे रोजगार के मौके और व्यापार की तेजी से बढ़ने की बात कही गई है। दूसरी तरफ लोगों ने राजधानी में ड्राई डे (शराब नहीं मिलने के दिन) को घटाने का भी सुझाव दिया है। मौजूदा समय में दिल्ली में एक साल में 25 ड्राई डे होते हैं, जो कि हरियाणा और पंजाब के मुकाबले आठ गुना ज्यादा है और नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद से छह गुना ज्यादा हैं।

केजरीवाल सरकार लेगी फैसला: एक अधिकारी ने कहा कि इन सुझावों के विश्लेषण के बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे दिल्ली सरकार को सौंपा जाएगा। इस मामले में आखिरी फैसला केजरीवाल सरकार को ही लेना होगा। जिस समिति की रिपोर्ट पर आम लोगों से सुझाव मांगे गए, उसका गठन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सितंबर 2020 में किया था।

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