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Delhi Election 2020: आज मतदाताओं की बारी, करेंगे 672 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला

Delhi Election 2020: दिल्ली के 11 मतदान केंद्रों पर वोट ‘क्यूआर’ कोड के जरिए होगी।

दिल्ली में भौगोलिक नजरिए से सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र नरेला है जबकि सबसे छोटा बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र है।

Delhi Election 2020: विधानसभा चुनाव में खड़े उम्मीदवारों के धुआंधार प्रचार के बाद अब दिल्ली के मतदाताओं की बारी है। तमाम दावों और वादों को सुनने वाली दिल्ली शनिवार को मतदान करेगी। हालांकि 2691 लोग ऐसे हैं जो शनिवार से पहले ही वोट कर चुके हैं। ये वो लोग हैं जो किसी वजह से मतदान केंद्रों पर आने में अक्षम थे। लेकिन वोट देना चाह रहे थे। ऐसा पहली बार हुआ जब चुनाव आयोग की टीम 2691 वोटरों का वोट लेने उनके घर गई। इनमें 2416 लोग ऐसे थे जो बहुत बुजुर्ग थे। ज्यादातर चलने में असमर्थ थे। इस श्रेणी में 501 शारीरिक रूप से विशेष मतदाता थे।

इस बार दिल्ली में 2 लाख 81 हजार से ज्याद वोटर जुड़े हैं। जिसमें 2 लाख 32 हजार 815 नए वोटर जुड़े हैं जिनकी उम्र 18 से 19 साल की है और जो पहली बार वोट देंगें। यहां की सबसे बुजुर्ग वोटर कलितारा मंडल (110) हैं। कलितारा मंडल ग्रेटर कैलाश निवासी हैं। दिल्ली में 14786382 मतदाता चुनाव मैदान में मौजूद कुल 672 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

दल और नुमाइंदे

सत्तर विधानसभा वाली दिल्ली में छह पार्टियां ही मान्यता प्राप्त हैं। यहां के चुनावी दंगल में 672 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिनमें 593 पुरुष और 79 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं। नई दिल्ली से सबसे ज्यादा 28 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि पटेलनगर विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 4 उम्मीदवार मैदान में हैं। राजनीतिक दलों के हिसाब से देखे तो ‘आप’ सभी 70 सीटों पर, बसपा 68 सीटों पर, भाजपा 66 सीटों पर, कांग्रेस 66 सीटों पर, एनसीपी 5 सीटों पर, माकपा और भाकपा तीन-तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। इसके अलावा निर्दलीय 148 और दूसरे अन्य दलों से 243 उम्मीदवार मैदान में हैं।

सबसे बड़ा-सबसे छोटा

दिल्ली में भौगोलिक नजरिए से सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र नरेला है जबकि सबसे छोटा बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र है, जबकि मतदाताओं की संख्या के आधार पर सहसे छोटा विधानसभा क्षेत्र चांदनी चौक है। जहां करीब सवा लाख वोटर हैं। मतदाताओं की संख्या के आधार पर सहसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र मटियाला है।

2015 बनाम 2020: हिंसक हुई दिल्ली

पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में दिल्ली ज्यादा हिंसक रही। हालांकि इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने अपनी दबिश बढ़ाई और एहतिहात के ज्यादा कदम उठाए। 2015 के विधानसभा चुनाव में 48 अवैध हथियार जब्त हुए थे इस बार 482 हथियार जब्त हुए। पिछले चुनाव में 37000 लिटर शराब पकड़ी गई थी इस बार 95,000 लिटर शराब पकड़ी गई है। 2015 के चुनाव में एक्साइज एक्ट के तहत 272 और आर्म्स एक्ट के तहत 47 मामले दर्ज किए गए थे इस बार क्रम से 997 और 388 मामले दर्ज हो चुके हैं। इतना ही नहीं, पिछले विधानसभा चुनाव में दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत 30 हजार लोगों के खिलाफ कार्यवाई हुई थी इस बार यह आंकड़ा एक लाख 20 हजार को पार कर गया।

पुलिस उपायुक्त शरद कुमार के मुताबिक इस बार दिल्ली पुलिस ने ज्यादा कदम उठाए। मसलन अपराध प्रक्रिया सहिता की धाराओं के तहत पिछले बार की तुलना में तीन गुने से ज्यादा कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि इस बार 5700 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराए गए जबकि पिछली बार विधानसभा के दौरान इनकी संख्या 1800 थी। उपायुक्त के मुताबिक दिल्ली पुलिस के 42 हजार जवानों के अलावा होम गार्ड के 19000 सिपाही और अर्द्धसैनिक बलों की 190 कंपनी के जवान भी शामिल है। इस बार दिल्ली केसबी सत्तर विधानसभा सीटो के लिए 2688 भवनों में 13571 मतदान बूथ बनाए गए हैं। जहां के 545 जगहों पर बने सभी 3141 मतदान केंद्रो को संवेदनशील घोषित किया गया।

केवल इन केंद्रों पर मोबाइल ले जाने की होगी अनुमति

दिल्ली के 11 मतदान केंद्रों पर वोट ‘क्यूआर’ कोड के जरिए होगी। इन केंद्रों पर वोटरों को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी। आयोग के मुताबिक यह सुविधा नई दिल्ली (मतदान केंद्र संख्या-40) के अलावा शकूरपुर बस्ती (मतदान केंद्र संख्या 15), शाहदरा (मतदान केंद्र संख्या-64), सुल्तानपुर माजरा (मतदान केंद्र संख्या-10), सीलमपुर (मतदान केंद्र संख्या-65), छतरपुर (मतदान केंद्र संख्या-46), बल्लिमारान (मतदान केंद्र संख्या-22), बिजवासन (मतदान केंद्र संख्या- 36), त्रिलोकपुरी (मतदान केंद्र संख्या- 36), राजौरी गार्डन (मतदान केंद्र संख्या- 270) और जंगपुरा (मतदान केंद्र संख्या- 41) शामिल है। दिल्ली छावनी इलाके में भी एक केंद्र पर ऐसी व्यवस्था करने की योजना है।

एसएमएस के जरिए जाने अपना केंद्र

दिल्ली मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ रणवीर सिंह के मुताबिक 7738299899 पर ‘एपिक स्पेस और फिर वोटरआइडी कार्ड नंबर’ भेजकर भी वोटर नाम चेक कर सकते हैं। इसके अलावा नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल (आइएनवीएलपी पोर्टल) पर भी मतदाता नाम चेक कर सकते हैं।

दावे अपने-अपने

भाजपा ने शाहीन बाग में चल रहे सीएए विरोधी प्रदर्शन को केंद्र में रख आक्रामक प्रचार अभियान किया। आम आदमी पार्टी ने जहां अपनी सरकार की बिजली, पानी और महिलाओं के लिए नि:शुल्क बस यात्रा जैसे मुद्दों को जोर-शोर से सामने रखा। कांग्रेस प्रचार अभियान में काफी पीछे नजर आई। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में इन तीनों मुख्य दलों ने मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की।

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