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Delhi Election 2020: काडर को मतदान केंद्र तक लाना, भाजपा की सबसे बड़ी चुनौती

Delhi Election 2020: भाजपा को उम्मीद थी कि शुरुआत से ही खराब स्थिति में चल रहा चुनाव कांग्रेस की सक्रियता से पलटेगा।

नई दिल्ली | Updated: February 8, 2020 5:54 AM
भाजपा को उम्मीद थी कि शुरुआत से ही खराब स्थिति में चल रहा चुनाव कांग्रेस की सक्रियता से पलटेगा।

Delhi Election 2020: दिल्ली में भाजपा काडर को मतदान केंद्र तक लाना भाजपा के लिए इस चुनाव की सबसे बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए पार्टी का शीर्ष नेतृत्व रात भर पार्टी के कार्यकर्ताओं से आखिरी दौर की बैठक करता नजर आया। इनकी कमान उन्हीं नेताओं के हाथ में थी जो अब तक विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसा करके भाजपा ने दिल्ली की जमीनी हकीकत जानने की भी कोशिश की।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन चुनाव में पार्टी के राष्टÑीय नेतृत्व समेत देश के अन्य राज्यों से आए नेताओं ने पूरी जान लगाई है। भाजपा को उम्मीद थी कि शुरुआत से ही खराब स्थिति में चल रहा चुनाव कांग्रेस की सक्रियता से पलटेगा। ऐसे हालात नहीं बनने के बाद ही पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को बदला था। इस रणनीति में भाजपा ने आम आदमी पार्टी से सीधी टक्कर का चुनाव बनाने की कोशिश की। इस पूरे चुनाव को दोनों ही पार्टियों ने राष्टÑवाद बनाम विकास बनाने की कोशिश की।

एक सांसद के पास हैं 10 सीटें

लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेहरा बनाया था। इस बार भी पार्टी ने झगड़ों की वजह से केवल कमल को ही अपने पहचान बनाने की कोशिश की। सूत्र बताते हैं कि इस चुनाव में पार्टी की तरफ से सांसदों को सीट की सीधी जिम्मेदारी सौंपी है। एक सांसद के पास 10 सीट हैं और इनमें कितनी सीट भाजपा की झोली तक पहुंचेंगी। यह आंकड़ा ही सांसदों का शक्ति परीक्षण होगा। पार्टी ने हर सांसद को न्यूनतम 5 सीट का लक्ष्य दिया है। वहीं ‘आप’ ने आखिरी दांव में एक बार फिर भाजपा के मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर भी सवाल खड़ा किया। इसके जवाब में भाजपा आखिरी दौर तक मौन रहीं।

चुनाव के लिए हुई 6577 सभाएं

इस चुनाव में भाजपा ने 6577 सभाएं की हैं। इनमें नुक्कड़ सभाएं, रोड शो और बड़ी रैलियां भी शामिल हैं। पार्टी ने 21 संगठनात्मक बैठकें भी की। चुनाव समिति के संयोजक तरुण चुघ ने बताया कि प्रधानमंत्री ने तीन बड़ी रैलियां, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 52 रैलियां, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 41 रैलियां की। इसी प्रकार केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 12 रैलियां, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 10 रैलियां, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 रैलियां और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने 29 रैलियां की।

पंकज रोहिला 

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