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कमरे में आग लगने से संदिग्ध हालात में युवक की मौत, बुरी तरह झुलसी फ्रांसीसी महिला

दक्षिणी दिल्ली के हौज खास इलाके में बुधवार तड़के एक रेस्तरां के पीछे बने एक कमरे में आग लगने से 37 साल के एक व्यक्ति की संदिग्ध हालत में मौत हो गई जबकि एक फ्रांसीसी महिला बुरी तरह घायल हो गई।

Author नई दिल्ली | August 25, 2016 2:10 AM
घटनास्थल का जायजा लेता पुलिसकर्मी।

दक्षिणी दिल्ली के हौज खास इलाके में बुधवार तड़के एक रेस्तरां के पीछे बने एक कमरे में आग लगने से 37 साल के एक व्यक्ति की संदिग्ध हालत में मौत हो गई जबकि एक फ्रांसीसी महिला बुरी तरह घायल हो गई। हौज खास गांव की इस इमारत में रेस्तरां और किराए पर कमरा दोनों साथ चलता है। दोनों किस हैसियत से कमरे में रुके थे इसकी जांच की जा रही है। दक्षिणी जिले की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नुपूर प्रसाद ने बताया कि आग पहली मंजिल के एक कमरे में सुबह करीब पांच बजकर 45 मिनट मकान नंबर-545 के टी-71 में लगी। इस घटना में फ्रांस की 23 साल की अंकलोरा और हरियाणा के करनाल के 37 साल के गौरव तनेजा घायल हो गए थे। दोनों घायलों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया। अंकलोरा अर्द्ध बेहोशी की हालत में है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सुबह सात बजकर 20 मिनट पर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों व्यक्तियों के संबंध सहित आग कैसे लगी आदि कई अन्य बिंदुओं से मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि रेस्तरां की छत पर एक हिस्से में शेड के सहारे कॉफी हाउस बना हुआ था। आग की शुरुआत इसी जगह से हुई और कॉफी हाउस पूरी तरह जलकर खाक हो गया। पुलिस को शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि आग की शुरुआत रेस्तरां के पीछे के हिस्से से शुरू हुई थी। यहां किराए पर मकान चढ़ाया जाता है और संभव है कि गौरव इसी इमारत के एक कमरे में किराए पर रहता था। गौरव प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था और मूल रूप से करनाल का था। अंकलोरा सोनीपत के एक संस्थान से पढ़ाई कर रही है और छात्र वीजा पर भारत में रह रही है। रात में दोनों एक साथ थे और फिर यह हादसा हो गया और युवक की मौत हो गई।

सवालों में हौजखास का खास माहौल-
हौजखास गांव दिल्ली के अन्य कई गांव की तरह खास किस्म की पार्टी के लिए प्रसिद्ध है। यहां शाम ढलते ही प्रेमी जोड़े देर रात तक रेस्तरां और कॉफी हाउस में बैठे देखे जा सकते हैं। यह गांव डीयर पार्क और आइआइटी के सामने के पार्क के बीच स्थित है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां शाम होते ही गाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी जाती है। लेकिन जो व्यक्ति पुलिस को झांसा देने में कामयाब हो जाते हैं और यहां किराए पर रहते हैं उनकी गाड़ी धड़ल्ले से आती-जाती है। गौरव और अंकलोरा यहां कब से किराए पर रहते थे और वे किस आधार पर कमरा लिए हुए थे इसका पता अभी नहीं चला है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रात की पार्टी में दिल्ली के दूर-दराज के प्रेमी जोड़े आते हैं और सुबह तक यहां मौज-मस्ती करते रहते हैं।

50 फुट बन जाता है 100 फुट-
सुरक्षा और दमकल नियमों के मुताबिक, यहां की संकरी गलियों में जो रेस्तरां और कॉफी हाउस बने हैं उसमें कुछ को छोड़कर बाकी सभी अवैध और अनधिकृत रूप से चल रहे हैं। दमकल सूत्रों के मुताबिक, यहां के अधिकतर रेस्तरां 50 फुट से कम जगह पर चलाने के नाम पर दमकल से एनओसी नहीं लेते क्योंकि 70 फुट की जगहों के लिए एनओसी की जरूरत होती है। हालांकि, यह सिर्फ कागजी कार्रवाई है। अगर यही घटना देर रात घटती तो फिर पुलिस और दमकल को संभालना मुश्किल हो जाता। इस कारण निकलने के रास्ते बहुत मुश्किल से बन पाते हैं। यही कारण है कि तड़के हुए हादसे के बाद आग बुझाने में भी दमकल की गाड़ियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नियमों के मुताबिक, देर रात 50 फुट कब सौ फुट में तब्दील हो जाता है यह सिर्फ रेस्तरां चलाने वाले और स्थानीय पुलिस को पता है।

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