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फोरेंसिक रिपोर्ट दाखिल नहीं करने पर दिल्ली पुलिस को फटकार

दिल्ली की एक अदालत ने लगातार चेतावनी के बावजूद समय पर फोरेंसिक रिपोर्ट दाखिल न कर पाने पर दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई और पूछा कि इस तरह की लापरवाही पर क्यों न उस पर जुर्माना लगाया जाए।
Author नई दिल्ली | October 15, 2016 01:40 am

दिल्ली की एक अदालत ने लगातार चेतावनी के बावजूद समय पर फोरेंसिक रिपोर्ट दाखिल न कर पाने पर दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई और पूछा कि इस तरह की लापरवाही पर क्यों न उस पर जुर्माना लगाया जाए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डीके शर्मा ने जेएनयू छात्र अनमोल रतन पर विश्वविद्यालय के छात्रावास में 28 साल की एक साथी छात्रा से कथित तौर पर बलात्कार करने के मामले में आरोपों पर दलीलें सुनने के समय यह टिप्पणी की। उन्होंने जिक्र किया कि पिछले महीने दायर आरोपपत्र में अभियोजन ने सीएफएसएल रिपोर्ट को शामिल नहीं करते हुए कहा था कि लगता है तेजी से सुनवाई पर पुलिस ध्यान नहीं दे रही है। अदालत ने कहा कि फिर से इस बात का जिक्र किया जाता है कि अभियोजन को समय पर विशेषज्ञों की रिपोर्ट प्राप्त करने का निर्देश दिया गया, लेकिन उसके बगैर ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया। कई मौके पर संबंधित जांच अधिकारी (आइओ), एसएचओ, एसीपी और पुलिस उपायुक्त को इस संबंध में आगाह किया गया, लेकिन ऐसा लगता है कि मुकदमे की त्वरित सुनवाई हो उस पर ध्यान नहीं दिया गया।

अदालत ने कहा कि सभी संबंधित जांच अधिकारी, थाना प्रभारी, सहायक पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा कि फोरेंसिक रिपोर्ट दाखिल नहीं करने के लिए क्यों न उन पर जुर्माना लगाया जाए। साथ ही कहा कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति होने पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। अदालत रतन की जमानत याचिका पर सुनवाई करने वाली थी। आरोपी का वकील मौजूद नहीं होने की वजह से इस मामले की सुनवाई 17 अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दी गई।

बहादुर अली की हिरासत बढ़ी : पाकिस्तानी नागरिक बहादुर अली उर्फ सैफुल्ला की न्यायिक हिरासत 22 अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दी गई है। बहादुर पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने का आरोप है। जानकारी के मुताबिक, बहादुर को तिहाड़ सेंट्रल जेल से जिला जज अमरनाथ की अदालत में पेश किया गया और बंद कमरे में हुई कार्यवाही के दौरान एनआइए ने आरोपी की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए अर्जी दाखिल की।

जांच एजंसी ने पहले अदालत को बताया था कि बहादुर ने अपने साथियों के साथ मिलकर भारत की सुरक्षा व संप्रभुता को अस्थिर करने के लिए आतंकवादी हमलों की योजना बनाई थी। बहादुर लाहौर के रायविंद के जहामा गांव का रहने वाला है। उसे उत्तरी कश्मीर में हंदवाड़ा के कलामाबाद के मवार इलाके से 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।

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