ताज़ा खबर
 

कोर्ट में बढ़ सकती है अरविंद केजरीवाल की मुश्किल, गवाह ने दिया उलट बयान

दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में सीएम केजरीवाल और अन्य विधायकों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। चार्जशीट के अनुसार, सीएम केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य विधायकों ने जानबूझ कर यह अपराध किया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल (पीटीआई फोटो)

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ दुर्व्यवहार के मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ने वाली है। घटना के एकमात्र चश्मदीद गवाह ने उलट बयान दिया है। पुलिस द्वारा चार्जशीट दायर करने के दौरान गवाह ने कहा कि, “आप विधायक अमानतुल्लाह और प्रकाश जरवाल ने मुख्य सचिव को ‘छुआ’ और ‘धक्का’ दिया। वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनलोगों को इस तरह का व्यवहार नहीं करने को कहा।” सीएम केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन जो कि एकमात्र चश्मदीद गवाह हैं, ने मजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी धारा 164 के तहत अपना बयान दर्ज करवाया। इस मामले में सीएम केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और 11 अन्य आप विधायकों को नामजद आरोपी बनाया गया है। मुख्य सचिव के साथ दुर्व्यवहार की यह घटना 19-20 फरवरी की रात सीएम आवास पर हुई थी, जब प्रकाश को एक मीटिंग के लिए बुलाया गया था। प्रकाश की शिकायत के बाद मामला दर्ज किया था।

चश्मदीद गवाह जैन ने अपने बयान में दावा किया कि जैसे ही प्रकाश मीटिंग के लिए सीएम आवास आवास पहुंचे, आप के चार विधायक उनसे सरकार के तीन साल पूरे होने पर दिए गए विज्ञापन, राशन कार्ड की हर घर डिलीवरी, फाइल की धीमी प्रक्रिया सहित अन्य मुद्दों पर सवाल पूछने लगे। जब उन्होंने देखा कि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है, वे वाशरूम चले गए। जब वे वापस आए तो उन्होंने हंगामे की आवाज सुनी। जैन कहते हैं, “जब मैं वापस आया तो देखा कि दो विधायक प्रकाश जरवाल और अमानतुल्लाह खान मुख्य सचिव को धक्का देकर, उनके ठोढ़ी पर हाथ लगाकर पूछ रहे हैं कि आप काम क्यों नहीं करते।” जैन के बयान के अनुसार, इसके बाद प्रकाश का चश्मा जमीन पर गिर जाता है और सीएम केजरीवाल दोनों विधायकों को इस तरह का व्यवहार करने से मना करते हैं।

चार्जशीट में पुलिस ने आरोप लगाया है विधायकों ने रूम में चिल्लाते और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए ब्यूरोक्रेसी पर सरकार के प्रचार के लिए काम न करने का आरोप लगाया। चार्जशीट के अनुसार, विधायक रितु राज गोविंद ने प्रकाश को धमकी दी कि उनको रात भर कमरे में ही बंद रखा जाएगा। वहीं, विधायक अजय दत्त ने एससी-एसटी एक्ट के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।

सीसीटीवी फुटेज भी विवाद का केंद्र बन गया है। कहा गया था कि यह समय से पीछे चल रहा था। पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल की जांच की। 19 फरवरी के दिन 1 बजे और 20 फरवरी के दिन 11 बजे के बीच की सीसीटीवी फुटेज की जांच वीडियो एनालिस्ट सिस्टम द्वारा जांच की गई। जांच में पाया गया कि इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है। 21 में से 6 सीसीटीवी काम नहीं कर रहे थे।चार्जशीट के माध्यम से पुलिस ने कहा है कि सीएम केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य विधायकों ने जानबूझ कर यह अपराध किया है। जांच से यह खुलासा हुआ है कि सीएम और डिप्टी सीएम इस घटना के किंगपिन थे। रिपोर्ट में कहा गया, ” अक्सर मीटिंग पोर्ट केबिन या कैंप ऑफिस में होती है, लेकिन इस बार सीएम के ड्राइंग रूम में किया गया, जहां सीसीटीवी कैमरा नहीं था।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App