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दिल्लीः राशन की ‘डोर स्टेप डिलीवरी’ पर केंद्र-AAP सरकार में रार, बोले केजरीवाल- अब नहीं होगा स्कीम का कोई नाम

केजरीवाल सरकार की महत्वाकांक्षी घर-घर राशन योजना के प्रस्ताव को हाल ही में केंद्र ने रिजेक्ट कर दिया था।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: March 20, 2021 3:16 PM
Delhi, CM Arvind Kejriwalदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।

दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना को केंद्र से मंजूरी न मिलने के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। केजरीवाल ने कहा, दिल्ली में 25 मार्च से एक क्रांतिकारी योजना शुरू होने जा रही थी। मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना। लोगों को पहले राशन लेने के लिए दुकानों तक जाना पड़ता था, जिससे उनको दिक्कत होती थी और लाइनों में खड़े होना पड़ता था। हमने इस समस्या पर लोगों के घर के दरवाजे तक राशन पहुंचाने का तरीका निकाला।

उन्होंने आगे कहा, “केंद्र ने हमें कल लिखा था कि हम इस योजना को लागू नहीं कर सकते। पत्र में लिखा था कि इस योजना को मुख्यमंत्री योजना नहीं कहा जा सकता। इसके बाद हमने आज दफ्तर में मीटिंग रखी और स्कीम का नाम हटाने का फैसला किया। हम इस स्कीम को नाम दिए बिना ही लोगों के घर तक राशन पहुंचाएंगे।”

केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा, “उनको को इस योजना के नाम पर आपत्ति थी। शायद मुख्यमंत्री शब्द से आपत्ति है। हम यह योजना अपना नाम चमकाने या क्रेडिट के लिए नहीं कर रहे हैं। अगर यही आपत्ति है तो हमने योजना का नाम हटाने का फैसला किया और हमें कोई क्रेडिट नहीं चाहिए। दिल्ली सीएम ने कहा कि अब लगता है कि इस निर्णय के बाद केंद्र की आपत्तियां दूर हो गई होंगी और अब वे इस पर रोक नहीं लगाएंगे।

बता दें कि केंद्र ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार से योजना नहीं लागू करने को कहा क्योंकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सब्सिडी के आधार पर जारी खाद्यान्न का इसके लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 25 मार्च को सीमापुरी इलाके में 100 घरों तक राशन पहुंचाकर इस योजना की शुरुआती करने वाले थे।

दिल्ली सरकार को लिखे पत्र में, केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस जगन्नाथन ने कहा कि एनएफएसए के तहत वितरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा आवंटित सब्सिडी वाले खाद्यान्न को ‘किसी राज्य की विशेष योजना या किसी दूसरे नाम या शीर्षक से कोई अन्य योजना को चलाने में उपयोग नहीं किया जा सकता है।’’ इसमें कहा गया है कि हालांकि, अगर दिल्ली सरकार अपनी अलग योजना लाती है और उसमें एनएफएसए को नहीं मिलाया जाता है तो केंद्र को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।

 

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