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मोदीजी, दिल्लीवासियों को परेशान नहीं करें, बदला लेना है तो मुझसे लीजिए : केजरीवाल

मोदी जी से प्रार्थना है कि दिल्ली के लोगों को तंग न करें। मोदी जी आपकी लड़ाई मुझसे से है। मुझे मार लो, पीट लो लेकिन दिल्ली वालों पर तरस खाओ, उन्हें परेशान मत करें।

Author नई दिल्ली | June 16, 2016 3:12 AM
दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (पीटीआई फोटो)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाए जाने के मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस पर एक बार फिर हमला बोला है। उन्होंने इस विवाद के लिए सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाया।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर 21 विधायकों को अयोग्य ठहराने का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी जी, आपकी लड़ाई मुझसे है, बदला लेना है तो मुझसे लीजिए, लेकिन दिल्ली की जनता को परेशान मत कीजिए। दिल्ली सचिवालय में बुधवार शाम प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार बेहतरीन काम कर रही है, जिसकी चर्चा पूरे देश के साथ-साथ दुनिया में हो रही है। इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी परेशान हैं। हम इन्हीं संसदीय सचिवों की बदौलत सरकार चला रहे हैं। ये हमारे हाथ, पैर, आंख और कान हैं।

भाजपा और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि ‘सौ-सौ चूहे खाकर-बिल्ली हज को चली’। सौ-सौ चूहे खाकर कांग्रेस हज को चली, सौ-सौ चूहे खाकर भाजपा हज को चली। भाजपा नेता साहिब सिंह वर्मा ने भी 1997 में विधायक नंद किशोर गर्ग को अपना संसदीय सचिव नियुक्त किया था। भाजपा बनाए तो कानून सम्मत-हम बनाएं तो असम्मत। यह कौन-सा पैमाना है? ऐसा नहीं चलेगा। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन पर हमला बोलते हुए कहा कि 1997 में भाजपा और बाद में शीला सरकार ने भी विधायकों को संसदीय सचिव बनाए। दीक्षित ने अजय माकन को संसदीय सचिव बनाया।

माकन तो अपने स्टाफ की छुट्टियां तक तय करते थे और उन्हें छुट्टियां अनुशंसित करते थे। फिर दीक्षित ने प्रह्लाद सिंह साहनी, अनिल भारद्वाज, मुकेश शर्मा सहित अन्य को संसदीय सचिव बनाकर लाभान्वित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा-कांग्रेस संसदीय सचिव बनाए तो संवैधानिक, और हम बनाएं तो अवैध करारने के लिए हंगामा। उन्होंने कहा कि 1953 में भी एचकेएल भगत, शांता वशिष्ठ और शिवचरण गुप्ता संसदीय सचिव बनाए गए थे। यह क्रम तो तब से आ रहा है।

केजरीवाल ने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक हमारे संसदीय सचिव की मेहनत का नतीजा है। हमारे संसदीय सचिव इंजीनियर, एमबीए और पढ़े लिखे हैं, दूसरी पार्टियों की तरह नहीं। दिल्ली सरकार की तारीफ देश के साथ-साथ दुनिया भर में हो रही है। मोदी हमेशा दिल्ली सरकार को अस्थिर करने में लगे रहते हैं।

मोदी जी से प्रार्थना है कि दिल्ली के लोगों को तंग न करें। मोदी जी आपकी लड़ाई मुझसे से है। मुझे मार लो, पीट लो लेकिन दिल्ली वालों पर तरस खाओ, उन्हें परेशान मत करें। हमने अपने संसदीय सचिव को एक रुपए अतिरिक्त नहीं दिया। 2015 तक संसदीय सचिव बनते थे तो संवैधानिक थे, हम बनाए तो असंवैधानिक। यह दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। दिल्ली में स्कूलों के अंदर आठ हजार क्लास रूम बनकर तैयार हो रहे हैं। इन सभी विधायकों ने एक-एक स्कूल में जाकर निरीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि मैं मोदी जी से हाथ जोड़कर विनती करना चाहता हूं कि मोदी जी आपकी लड़ाई मुझसे है, लेकिन दिल्लीवालों को परेशान मत कीजिए। आपको बदला लेना है तो मुझसे लीजिए।

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