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पानी के लिए हाहाकार, धरने पर बैठी दिल्ली सरकार

दिल्ली के जल मंत्री की भूमिका निभा चुके आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा बताते हैं कि असल में कमी पानी की नहीं, वितरण व्यवस्था की है। पहले भी करीब 900 एमजीडी पानी की ही आपूर्ति हो रही थी लेकिन इस बार फर्क यह पड़ा है कि बीते छह माह में एक भी पंप की मरम्मत नहीं हुई।

Author June 15, 2018 5:46 AM
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने तीन विश्वस्त मंत्रियों संग राजनिवास में धरने पर बैठे हैं

सूबे की नौकरशाही से टकराव के मद्देनजर पानी का महकमा संभालने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने तीन विश्वस्त मंत्रियों संग राजनिवास में धरने पर बैठे हैं और दिल्ली इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। राजधानी का जल संकट दिनोंदिन गहराता जा रहा है। बहुमंजिली रिहाइशी इमारतों में ऊपरी मालों पर रहने वालों के घर पानी नहीं पहुंच पा रहा, तो अनधिकृत और झुग्गी-झोपड़ी कालोनियों में टैंकर के इंतजार में लोग रतजगा कर रहे हैं। खुद दिल्ली जल बोर्ड यह मान रहा है कि शहर में करीब 200 एमजीडी पानी की कमी लगातार बनी हुई है। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष व विधायक दिनेश मोहनिया खुद ही यह स्वीकार करते हैं कि राजधानी में प्रतिदिन 200 मिलियन गैलन से भी ज्यादा पानी की कमी बनी हुई है। बकौल मोहनिया, दिल्ली जल बोर्ड शहर के अलग अलग हिस्सों में 800 से 900 एमजीडी तक पानी की आपूर्ति कर रहा है जबकि गर्मी के कारण मांग 1100 एमजीडी तक पहुंच रही है। उनका कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड हरियाणा व उत्तर प्रदेश से अतिरिक्त पानी हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

बता दें मुख्यमंत्री के तौर पर अरविंद केजरीवाल के पास सिर्फ एक महकमा है पानी का। वे दिल्ली जल बोर्ड के मुखिया हैं और पानी के वितरण की जिम्मेदारी जाहिरा तौर पर उनकी है। उन्होंने पिछले दिनों हरियाणा पर यह आरोप लगाया कि वहां भाजपा सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं दिए जाने के कारण ही दिल्ली में पानी का संकट है। दूसरी ओर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने हाल ही में अपनी दिल्ली यात्रा के क्रम में कहा कि उनका राज्य दिल्ली को तय मात्रा से अधिक पानी की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने एक समय-सीमा भी तय कर दी कि 30 जून तक हरियाणा से दिल्ली को अतिरिक्त पानी मिलता रहेगा। उसके बाद इस पर पुनर्विचार किया जाएगा।

दिल्ली के जल मंत्री की भूमिका निभा चुके आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा बताते हैं कि असल में कमी पानी की नहीं, वितरण व्यवस्था की है। पहले भी करीब 900 एमजीडी पानी की ही आपूर्ति हो रही थी लेकिन इस बार फर्क यह पड़ा है कि बीते छह माह में एक भी पंप की मरम्मत नहीं हुई। पॉश इलाकों तक में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। टैंकर माफिया खूब फल-फूल रहा है। उन्होंने आंकड़े दिए कि इस सरकार के बनने के बाद कुल 319 कॉलोनियों में पानी की लाइन बिछाई गई लेकिन इनमें ज्यादातर पानी नहीं पहुंच रहा। दूसरी ओर किसी भी झुग्गी-झोपड़ी कॉलोनी में पानी की लाइन नहीं बिछाई गई। दिल्ली में पानी के संकट को लेकर समूचे शहर में जल सत्याग्रह चला रहे सूबे के कांग्रेसी मुखिया अजय माकन बताते हैं कि जिस भी इलाके में वे गए हैं, उनसे लोगों ने सबसे ज्यादा पानी के संकट को लेकर शिकायतें की हैं। उन्होंने बताया कि टैंकरों के इंतजार में परिवार के लोग पानी के खाली कनस्तर लेकर बैठे रहते हैं। पानी के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में रतजगा की हालत है। लोग इस इंतजार में नहीं सोते कि पता नहीं कब पानी आएगा।

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