राजधानी में अगले वर्ष प्रस्तावित नगर निगम चुनावों से पहले मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए दिल्ली सरकार ने अभी से ही पूरी पटकथा लिख ली है। रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार द्वारा पेश वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बजट केवल विकास का दस्तावेज नहीं, बल्कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक रणनीतिक कदम भी है। इस बजट में महिलाओं, बुजुर्गों और निम्न आय वर्ग को साधने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं।
बजट में खास बात यह रही कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई मुफ्त सुविधाओं को जारी रखने का एलान किया गया है। इन योजनाओं को राजधानी में आम आदमी पार्टी के एक बड़े वोट बैंक से जोड़कर देखा जाता रहा है।
तीनों निकायों पर मेहरबान दिखीं रेखा गुप्ता
सरकार ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के तीन प्रमुख निकाय एमसीडी, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली छावनी बोर्ड में से एमसीडी को सबसे अधिक 11,266 करोड़ रुपये आवंटित किए है। इसके अलावा सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए 1000 करोड़ रुपये अलग से प्रस्तावित किए गए हैं।
ये योजनाएं जारी रहेंगी
बजट में जिन योजनाओं को जारी रखने या विस्तार देने की बात कही गई है, उनमें ‘बिजली हाफ, पानी माफ’, डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा, आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज, होली-दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर, नौवीं कक्षा की लड़कियों को साइकिल वितरण, 10वीं कक्षा के मेधावी छात्रों को लैपटाप, पांच रुपए में अटल कैंटीन में खाना और महिलाओं को 2500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता देने वाली ‘महिला समृद्धि योजना’ शामिल हैं।
इसके साथ ही सरकार ने किन्नर समुदाय को भी साधने के लिए कई घोषणाएं की हैं। इनमें मुफ्त बस यात्रा, आयुष्मान योजना में पंजीकरण और किन्नर कल्याण बोर्ड के गठन का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा आटो ड्राइवरों और गिग वर्कर्स के लिए भी विशेष योजनाओं का एलान किया गया है।
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बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार पानी की सप्लाई के नेटवर्क को बढ़ाने, पानी की बर्बादी कम करने और ट्रीटमेंट सुविधाओं को आधुनिक बनाने को प्राथमिकता दे रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
