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केजरीवाल सरकार का बजट: दिल्ली में बिजली, पानी पर जारी रहेगी सबसिडी

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दावा किया कि उनकी सरकार की ओर से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की वजह से दिल्ली सरकार की आमदनी बढ़ी है।

Author नई दिल्ली | Published on: March 29, 2016 2:05 AM
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया। (पीटीआई फोटो)

दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने सोमवार को विधानसभा में पेश किए गए बजट में दिल्लीवासियों पर कोई नया कर नहीं लगाया है। दिल्ली की बसों में 4 हजार मार्शल तैनात किए जाएंगे। एक हजार नई बसें खरीदी जाएंगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए मोहल्ला महिला सुरक्षा दल बनेंगे। जो चीजें सस्ती होंगी, उनमें शामिल हैं, बैटरी चालित रिक्शा, जूते-चप्पल और स्कूल बैग। महंगी होने वाली चीजों में शामिल हैं, टैक्सटाइल्स और फैब्रिक्स, अल्यूमीनियम की धातुएं। दिल्ली विधानसभा में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने 46600 करोड़ के कुल बजट पर 20 हजार करोड़ योजना मदों पर खर्च किए जाने की जानकारी दी। ये पिछले साल के बजट से एक हजार करोड़ रुपए ज्यादा है। पिछले साल के बजट की तरह बिजली और पानी पर सबसिडी जारी रहेगी। नए स्कूल और आईटीआई खुलेंगे। बजट में 11 फीसद आमदनी की बढ़ोतरी का दावा किया गया है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दावा किया कि उनकी सरकार की ओर से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की वजह से दिल्ली सरकार की आमदनी बढ़ी है। बीते साल की तुलना में दिल्ली के कुल राजस्व की प्राप्ति में 17 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। बजट में कई चीजों पर कर घटा दिए गए हैं। बजट में ई रिक्शा, बैटरी चालित वाहन और हाईब्रिड आटोमोबाइल पर वैट की दर 12.5 फीसद से घटाकर 5 फीसद कर दी गई है। मिठाई और नमकीनों पर कर की दर को 12.5 फीसद से घटाकर 5 फीसद कर दिया गया है। पांच हजार रुपए से ज्यादा मूल्य के रेडीमेड वस्त्रों पर वैट को 12.5 फीसद से घटाकर 5 फीसद कर दिया गया है। मार्बल पर भी वैट को 12.5 फीसद से घटाकर 5 फीसद कर दिया गया है। पांच हजार रुपए से ज्यादा मूल्य की घड़ियों पर जो वैट 20 फीसद था, उसे घटाकर 12.5 फीसद कर दिया गया है। टैक्सटाइल्स और फैब्रिक्स पर 5 फीसद कर लगेगा। इसमें साड़ियां शामिल नहीं हैं। प्लास्टिक वेस्ट पर 5 फीसद की दर से कर लगाया जाएगा। यूपीएस यूनिट्स पर भी 12.5 फीसद वैट लगाया जाएगा।

बजट में जूतों और स्कूल बैग पर करों में कई तरह की विसंगतियां हैं। इन सामान पर कर को 12.5 फीसद से घटाकर 5 फीसद कर दिया गया है। बजट में बताया गया कि बिल बनवाओ-ईनाम पाओ योजना को लाकर जनता की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। आबकारी विभाग में इस्ंपेक्टर राज खत्म होने से आबकारी राजस्व वसूली में 31 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। विलासिता कर की वसूली भी 36.7 फीसद बढ़ी है। विलासिता कर की सीमारेखा जो 750 रुपए प्रतिदिन थी उसे बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिया गया है। सरकार स्टाम्प डयूटी बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। सरकार राजस्व को बढ़ाने के मकसद से राजस्व बढ़ाने वाले 10 शीर्ष बाजार संगठनों को 5 लाख रुपए का नगद पुरस्कार देगी। सरकार एल्यूमिनियम या मैटल शीटों पर भी 12.5 फीसद कर लगाएगी। अभी तक लौह और अलौह धातुओं पर 12.5 फीसद कर लगता था।
दिल्ली के 46600 करोड़ रुपए के प्रस्तावित बजट के लिए 36525 करोड़ रुपए कर राजस्व से, 996 करोड़ रुपए गैर कर राज्स्व से, 381 करोड़ रुपए पूंजी प्रविष्टियों से, 3174 करोड़ रुपए लघु बचत कर्ज से, 1300 करोड़ रुपए केंद्र प्रायोजित योजनाओं से, 1400 करोड़ रुपए वैट के बदले क्षतिपूर्ति से, 325 करोड़ रुपए केंद्रीय करों में हिस्सेदारी से, 432 करोड़ रुपए भारत सरकार के अनुदानों से सरकार को प्राप्त होंगे।

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