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मंदिरों के अपमान का बदला लेने के लिए दिल्‍ली बीजेपी के नेता ने टॉयलेट पर लिख दिया- औरंगजेब मूत्रालय

देश में औरंगजेब को लेकर छिड़ी बहस के बीच गुरुवार को दिल्ली के औरंगजेब लेन पर कुछ लोगों ने बाबा विश्वनाथ मार्ग का पोस्टर लगा दिया। औरंगजेब लेन पर बाबा विश्वनाथ मार्ग का पोस्टर लगाने वाले भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं।

Aurangzeb| gyanvapi masjid| BJP
दिल्‍ली बीजेपी के नेता ने टॉयलेट पर लिखा- औरंगजेब मूत्रालय (Photo Source- screen grab/@AchalSharmaBjp)

भारतीय जनता पार्टी के नेता आंचल शर्मा ने नई दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में एक टॉयलेट पर औरंगजेब मूत्रालय का पोस्टर लगाया है। उन्होंने लोगों से क्षेत्र के दूसरे टॉयलेटों पर भी इस तरह के पोस्टर लगाने का आग्रह किया। भारतीय जनता पार्टी के नेता ने कहा कि यह मंदिरों के अपमान का बदला है।

भाजपा नेता का ट्वीट: इस मामले को ज्ञानवापी केस से जोड़ते हुए भाजपा नेता ने ट्वीट किया, “मेरा अनुरोध है जहां जहां पर भी मूत्रालय और शौचालय हैं उनका नाम औरंगजेब मूत्रालय या औरंगजेब शौचालय रखें l कृपया रिट्वीट करें।”

इस ट्वीट के साथ अटैच वीडियो में आंचल शर्मा ने कहा, “जो उन्होंने ज्ञानवापी के अंदर किया है। जो वहां पर कुल्ला करने की बात की है और हमारे बाबा को वहां 400-500 सालों से डुबा कर और छुपा कर रखा था। उसका उत्तर हिंदू समाज आज देने को तैयार है।”

बीजेपी नेता आंचल शर्मा ने कहा कि हिंदुस्तान के अंदर हम हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब के बारे में पढ़ते-सुनते आ रहे हैं, पर इसका ठेका सिर्फ हिंदू समाज ने नहीं ले रखा है। उन्होंने कहा कि अगर गंगा-जमुनी तहजीब चाहिए तो मुसलमानों को भी इस बारे में सोचना होगा।

इसके साथ ही आंचल शर्मा ने सरकार से एक और अपील करते हुए कहा कि जामा-मस्जिद को भी खोदकर देखा जाए उसके नीचे से भी हमारे हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां निकलेंगी। भाजपा नेता ने कहा कि ये सिर्फ तीन मस्जिद नहीं है ऐसे तीस हजार स्थान हैं और अब हिंदू जाग गया है और इन सभी तीस हजार स्थानों को लेकर रहेगा।

वाराणसी जिला अदालत में होगी सुनवाई: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में शुक्रवार (20 मई) को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस केस को वाराणसी जिला अदालत को ट्रांसफर करने का आदेश दिया। सुनवाई के बाद आदेश देते हुए तीन जजों की बेंच ने कहा कि 17 मई का अंतरिम आदेश फैसला आने तक और उसके 8 हफ्ते तक लागू रहेगा ताकि जिजा जज के आदेश को पीड़ित पक्ष चुनौती दे सके। कोर्ट ने कहा, “तब तक हम जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी से वादियों से परामर्श करने और वजू के लिए उचित व्यवस्था करने का अनुरोध करते हैं।”

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