Delhi Bank Telecaller Death: दिल्ली में एक गड्ढे में गिरने से बैंक के टेलीकॉलर कमल ध्यानी की मौत को लेकर चल रहे विवाद के बीच पुलिस ने बताया है कि कम से कम पांच लोगों को इस घटना की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने अधिकारियों को सूचना नहीं दी। पुलिस ने शनिवार को एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया, जो आरोपियों में से एक है और कहा कि दो अन्य व्यक्तियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें भेजी गई हैं।

सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति उन कम से कम पांच लोगों में से एक था जिन्हें इस बात की जानकारी थी कि कमल ध्यानी की मोटरसाइकिल 4.5 मीटर गहरे जनकपुरी गड्ढे में गिर गई थी, लेकिन उसने यह जानकारी पुलिस से छिपा ली। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रजापति पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने खंगाली सीसीटीवी फुटेज

पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली और पाया कि लगभग 12.15 बजे, सामने वाली सड़क पर एक काली कार रुकी। पुलिस ने बताया कि सागरपुर के रहने वाले विपिन सिंह नाम का एक राहगीर शादी से लौट रहा था, तभी उसने बाइक सवार को गड्ढे में गिरते देखा। डीसीपी वेस्ट शरद भास्कर ने बताया, “सिंह ने रिहायशी कॉलोनी के पास कार रोकी और रिहायशी कॉलोनी के मेन गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड को घटना की जानकारी दी। गार्ड ने गड्ढे में काम कर रहे और 10 फीट दूर एक तंबू में रह रहे मजदूर योगेश को सतर्क किया।”

उन्होंने आगे बताया, “योगेश गड्ढे की ओर गया और उसने अंदर एक बाइक देखी जिसकी हेडलाइट जल रही थी। उसके बगल में एक व्यक्ति लेटा हुआ था।” रात 12:22 बजे योगेश ने अपने एंप्लोयर प्रजापति को फोन किया। वह अपने घर से 20 मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंचा। भास्कर ने आगे बताया, “प्रजापति ने पीड़ित और उसकी बाइक को गड्ढे के अंदर पड़ा देखा। न तो उन्होंने और न ही योगेश ने पुलिस को सूचना दी।”

सब-कॉन्ट्रैक्टर ने ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को सूचना दी

इसके बाद सब-कॉन्ट्रैक्टर ने फोन करके अपने मालिक, ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को सूचना दी। दरअसल, गुप्ता, प्रजापति और कुछ अन्य लोगों ने एक कॉन्फ्रेंस कॉल की, जबकि ध्यानी का शव गड्ढे में पड़ा हुआ था। प्रजापति रात 1.45 बजे मुड़कर घर लौट आया। योगेश भी उसके तुरंत बाद वहां से भाग गया। जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस जतिन नरवाल ने कहा कि हमने योगेश को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित उसके गांव में एक टीम भेजी है। गुप्ता भी दिल्ली से बाहर है और उसे पकड़ने के लिए एक और टीम भेजी गई है।

बता दें कि एचडीएफसी बैंक में टेलीकॉलर के रूप में कार्यरत और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम कैलाश पुरी के रहने वाले कमल ध्यानी, उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी से देर रात घर लौट रहे थे, तभी वे जनकपुरी क्षेत्र में जोगिंदर सिंह मार्ग पर 2 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड की मरम्मत के काम के तहत खोदे गए गड्ढे में गिर गए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…