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दिल्ली-अलवर RRTS कॉरिडोरः पहले चरण के काम ने राजीव चौक पर पकड़ी रफ्तार, 106 किमी के रास्ते में होगी 70 मिनट की बचत

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) परिवहन निगम ने राजीव चौक पर लोड टेस्टिंग भी शुरू की है। इस प्रक्रिया में मिट्टी की वजन झेलने की क्षमता और प्रतिरोधकता की जांच होती है।

Author नई दिल्ली | Published on: September 9, 2019 1:56 PM
दिल्ली-रेवाड़ी RRTS प्रोजेक्ट के काम में आई तेजी (एक्सप्रेस फोटो)

कई किमी लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे एनसीआर वालों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। देश की राजधानी दिल्ली से राजस्थान के अलवर के बीच रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट को हरियाणा सरकार की मंजूरी मिलने के सात महीने बाद अब पहले चरण का काम रफ्तार पकड़ रहा है। पहले चरण में दिल्ली, गुड़गांव, शाहजहांपुर, नीमराणा और बहरोड़ (एसएनबी) जुड़ेंगे। इस प्रोजेक्ट से रेवाड़ी-दिल्ली के बीच डेली अप-डाउन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

राजीव चौक पर शुरू हो चुकी लोड टेस्टिंगः इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने कहा है कि मिट्टी परीक्षण, जियोटेक्निकल टेस्टिंग और यूटिलिटी डायवर्शन जारी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने राजीव चौक पर लोड टेस्टिंग भी शुरू की है। इस प्रक्रिया में मिट्टी की वजन झेलने की क्षमता और प्रतिरोधकता की जांच होती है।

जारी हो चुके हैं टेंडरः एक अधिकारी ने बताया, ‘गुड़गांव-उद्योग विहार, सेक्टर 17 और राजीव चौक तीन एलिवेटेड स्टेशनों की डिजाइन और आईडीपीएल कॉम्प्लेक्स रैंप से राजीव चौक रैंप तक एलिवेटेड कनेक्टिविटी के लिए सिविल, आर्किटेक्चरल और इंजीनियरिंग-मैकेनिकल से जुड़े कार्यों के लिए टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं।’

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यात्रियों के 70 मिनट बचेंगेः 106 किमी लंबे दिल्ली-गुड़गांव-एसएनबी अर्बन कॉम्प्लेक्स कॉरिडोर को 71 किमी तक एलिवेटेड बनाया जाएगा, जबकि करीब 35 किमी तक यह अंडरग्राउंड होगा। इस प्रोजेक्ट में दूसरे आरआरटीएस कॉरिडोर (दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर) के साथ सराय काले खान भी कवर होगा। दिल्ली से रेवाड़ी तक यह प्रोजेक्ट 164 किमी का है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दिल्ली, गुड़गांव और एसएनबी के बीच की 106 किमी की दूरी तय करने में लगभग 70 मिनट की बचत हो सकती है। इससे लाखों लोगों को हर दिन फायदा होगा।

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