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छुट्टी के बाद फिर काम पर बदरा

पिछले कई दिनों से जारी सूखे मौसम के बाद बुधवार को राजधानी दिल्ली में बारिश में सक्रियता आई और कई इलाकों में रात भर बारिश हुई।

Author नई दिल्ली | August 26, 2016 03:45 am
(Photo-Agency)

पिछले कई दिनों से जारी सूखे मौसम के बाद बुधवार को राजधानी दिल्ली में बारिश में सक्रियता आई और कई इलाकों में रात भर बारिश हुई। इसके बावजूद अगस्त में जारी मानसून के कमजोर प्रदर्शन की भरपाई नहीं हो सकी, इस महीने अभी तक दिल्ली की मानसूनी बारिश में 61 फीसद की कमी दर्ज की गई है। अगले कुछ दिनों तक राजधानी में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है जिससे इस कमी की भरपाई की संभावना मुश्किल है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत में 3 सितंबर से मानसून की सक्रियता कम होने लगेगी। दिल्ली के साथ-साथ देश में भी मानसून का प्रदर्शन पिछले एक हफ्ते में निराशाजनक रहा और औसतन 27 फीसद कम बारिश दर्ज की गई।

कई दिनों बाद बुधवार को राजधानी दिल्ली में अच्छी बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, ‘बुधवार सुबह 8.30 बजे से लेकर अगले चौबीस घंटों तक सफदरजंग मौसम केंद्र में 5.6 मिमी, पालम में 10.1 मिमी, लोधी रोड में 10.3 मिमी, रिज क्षेत्र में 5.0 मिमी, आयानगर में 1.2 मिमी और पूसा में 14.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं गुरुवार दिन में कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश हुई’।

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों यानी 30 अगस्त तक एक-दो दिन छोड़कर हल्की बारिश की ही उम्मीद है। 27 और 30 अगस्त को थोड़ी अच्छी बारिश हो सकती है। वहीं इस हफ्ते के लिए जारी मानसून के पूर्वानुमान के अनुसार, ‘उत्तर-पश्चिम भारत में 3 सितंबर तक कुछ जगहों पर सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है, उसके बाद इस क्षेत्र में मानसून की सक्रियता घटने लगेगी’। देश में चार महीने तक सक्रिय रहने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून का अंतिम महीना सितंबर है।

जुलाई में राजधानी दिल्ली बारिश से सराबोर रही, लेकिन अगस्त का महीना निराशाजनक रहा। शहर में एक अगस्त से 25 अगस्त की सुबह तक 81.6 मिमी बारिश दर्ज की गई जो 210.6 मिमी की सामान्य बारिश से 61 फीसद कम है। हालांकि, सीजन की शुरुआत यानी 1 जून से यह कमी मात्र 11 फीसद की है, जिसमें जुलाई में सामान्य से 40 फीसद अधिक हुई बारिश का अहम योगदान रहा।

पिछले एक हफ्ते ( 18 अगस्त से 24 अगस्त) में पूरे देश में औसतन मानसून का प्रदर्शन कमजोर रहा। उत्तर-पश्चिम भारत में 21 फीसद कम बारिश हुई, केंद्रीय भारत में 17 फीसद कमी रही, दक्षिणी राज्यों में सबसे ज्यादा 68 फीसद की कमी रही और पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी भारत में 22 फीसद की कमी रही। हालांकि, पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश में एक-दो दिन लोगों को अत्यधिक भारी बारिश (24 घंटे में 20 सेमी से ज्यादा) का सामना करना पड़ा। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, ‘29 अगस्त तक ओड़ीशा, तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर एक दो दिन भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 9 सितंबर से मध्य भारत में लगभग सामान्य बारिश का पूर्वानुमान है। जबकि, उत्तर-पूर्वी राज्यों और उनसे से सटे पूर्वी राज्यों के हिस्सों में 30 अगस्त से 3 सितंबर के बीच सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत में 13 सितंबर तक कई जगहों पर सामान्य या अधिक बारिश के आसार हैं’।

मौसम विभाग के शुरुआती पूर्वानुमान (सामान्य से अधिक बारिश) के विपरीत, 1 जून से अभी तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश सामान्य मानसूनी बारिश के संदर्भ में 2 फीसद पीछे है। देश के बारह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश सामान्य से कम रहा है। हालांकि, औसतन ज्यादातर जगहों (21राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों) में सामान्य बारिश हुई है, वहीं राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश की अधिकता रही। आरंभिक पूर्वानुमान में ला-नीना के प्रभाव के कारण सितंबर में बारिश की सक्रियता अधिक होने की संभावना बताई गई थी, अगर ऐसा रहा तो इस 2 फीसद की कमी की भरपाई हो पाएगी।

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