दिल्ली के एक होटल में आग लगने के कारण 21 लोगों की जान जाने के बाद दिल्ली सरकार अब अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त लहजा अपनाने के मूड में है। दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश में अब अवैध निर्माण के मामलों में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, इसके लिए जिलाधिकारियों की शक्तियां बढ़ाई जाएंगी।
दिल्ली सरकार के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार अवैध निर्माण के मामलों को लेकर सख्त हो गई है, ऐसे निर्माणों में मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए रेखा गुप्ता सरकार जिलाधिकारियों की शक्तियां बढ़ाएगी।
अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए ये एक्ट होगा लागू
आशीष सूद ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार आदेशों का उल्लंघन करने पर 2 साल की जेल की सजा और मिलीभगत के लिए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए DDMA एक्ट लागू करेगी। आगे मंत्री ने MCD को निर्देश दिया कि वह तेजी से हो रहे अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करे और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों को सील करे।
आगजनी से 21 लोगों की हुई थी मौत
जानकारी दे दें कि मालवीय नगर में बुधवार सुबह एक होटल में भीषण आग लग गई, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई, मृतकों में 9 भारतीय और 12 विदेशी नागरिक शामिल थे। पुलिस ने बताया कि इस आगजनी के कारण कुल 49 लोगों घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, इनमें से 21 लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि आठ लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि अन्य का इलाज हो रहा है।
लवकेश के पास सीमित थी अनुमति
पुलिस ने इस मामले में दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और इमारत के मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में ले लिया है। खबरों के मुताबिक, लवकेश बजाज ने पुलिस को बताया कि उसका मानना था कि दिल्ली में सब चलता है। इसी मानसिकता के चलते उसने दो मंजिला इमारत को बढ़ाकर पांच मंजिला बना दिया। होटल संचालन के लिए उसके पास केवल सीमित अनुमति थी, लेकिन आरोप है कि उसने नियमों को ठेंगा दिखाते हुए होटल को बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान का रूप दे दिया।
बताया जा रहा कि जांच में पता चला कि लोकेश के पास सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी के तहत केवल छह कमरे की ही अनुमति थी, लेकिन उनके इमारत में मंजिलों की संख्या बढ़ाई और 25 से 26 कमरे बना लिए। साथ ही उसके पास रेस्त्रां चलाने का भी लाइसेंस नहीं था, बस उसके पास केवल चाय के दुकान की अनुमति थी। इस मामले में दिल्ली सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा दिल्ली सरकार ने अवैध संपत्तियों, अनधिकृत गेस्ट हाउसों और अग्नि सुरक्षा नियमों व भवन उपनियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ पूरे केंद्रशासित प्रदेश में विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है।
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दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) में लगी भीषण आग में 21 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इस अग्निकांड के बाद सिर्फ हादसे की वजह ही नहीं बल्कि यह सवाल भी उठ रहा है कि ऐसे प्रतिष्ठानों की निगरानी और नियमन के लिए जिम्मेदार एजेंसियों ने अपनी भूमिका कितनी प्रभावी ढंग से निभाई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
