ताज़ा खबर
 

Delhi : बीजेपी के खिचड़ी कार्यक्रम में देर से पहुंचे 80 पुलिसवाले, सजा में राजघाट पर करना पड़ा मार्च

दिल्ली के रामलीला मैदान में पिछले सप्ताह आयोजित प्रदेश बीजेपी के खिचड़ी कार्यक्रम में देर से पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों को सजा मिली। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में करीब 80 पुलिसकर्मियों को आने में देरी हो गई। इसकी सजा के रूप में उन्हें राजघाट पर मार्च करना पड़ा।

दिल्ली के रामलीला मैदान में हुआ था प्रदेश बीजेपी का खिचड़ी कार्यक्रम। फोटो सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस

दिल्ली के रामलीला मैदान में पिछले सप्ताह आयोजित प्रदेश बीजेपी के खिचड़ी कार्यक्रम में देर से पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों को सजा मिली। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में करीब 80 पुलिसकर्मियों को आने में देरी हो गई। इसकी सजा के रूप में उन्हें राजघाट पर मार्च करना पड़ा। बता दें कि बीजेपी दिल्ली ने अपने भीम महासंगम कार्यक्रम के तहत पिछले सप्ताह रामलीला मैदान में 5 हजार किलो समरसता खिचड़ी पकाई थी और उसे लोगों में बांटा गया था।

कार्यक्रम में तैनात किए गए थे सेंट्रल दिल्ली के सभी थानों के जवान : पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डीसीपी (सेंट्रल) मनदीप सिंह रंधावा ने बीजेपी के इस कार्यक्रम के लिए सेंट्रल दिल्ली स्थित सभी थानों के पुलिसकर्मियों को तैनात किया था। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को सुबह 7 बजे कार्यक्रमस्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया था, लेकिन इनमें से 80 पुलिसकर्मी लेट हो गए।

अधिकतर ने कहा- बारिश के कारण हुए लेट : बताया जा रहा है कि लेट आने वाले पुलिसकर्मी सुबह 8:30 से 9:30 बजे के बीच कार्यक्रम में पहुंच पाए। उनसे देर से आने का कारण पूछा गया, लेकिन उनमें से कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। अधिकतर ने बताया कि वे बारिश के कारण लेट हो गए।

2 शिफ्ट में मार्च करने का दिया आदेश : इसके बाद डीसीपी ने मामले की जानकारी पुलिस हेडक्वॉर्टर में वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद उन्होंने देर से आने वाले जवानों को रविवार को 2 शिफ्ट (रात 11 से 2 बजे और सुबह 6 से 10 बजे तक) में राजघाट पर मार्च करने का आदेश दिया।

एक शिफ्ट का मार्च किया रद्द : पुलिस के मुताबिक, डीसीपी रंधावा ने सुबह की शिफ्ट वाला मार्च रद्द कर दिया था और जवानों को उनकी ड्यूटी जॉइन करने का आदेश दे दिया था। इस संबंध में इंडियन एक्सप्रेस ने डीसीपी रंधावा से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई भी जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।

 

पहले भी दी गई ऐसी सजा : यह पहली बार नहीं है जब पुलिसकर्मियों को सजा के रूप में बिना वक्त मार्च करने के लिए कहा गया। 2012 में अडिशनल डीसीपी (नई दिल्ली) सेजू पी कुरुविला ने एक कॉन्स्टेबल को जमीन पर लुढ़कते हुए पटियाला हाउस कोर्ट परिसर के चक्कर लगाने का आदेश दिया था। बताया जाता है कि वह कॉन्स्टेबल कुरुविला को पहचान नहीं पाया था और उसने अडिशनल डीसीपी को सैल्यूट भी नहीं किया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 चरखे की विरासत और शुल्क की व्यवस्था
2 चुनावी जंग: नमो ऐप से मोदी ब्रांड घर-घर पहुंचाने की तैयारी
3 राजशाही और लोकशाही समर्थकों के बीच 2019 की लड़ाई : मोदी