Bihar News: बिहार की सम्राट सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश के पद को लेकर चल रहे संशय के बीच उनके पिता और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया है। कुशवाहा ने कहा कि दीपक प्रकाश सिर्फ दो-चार महीने के लिए मंत्री नहीं बने हैं। उन्होंने पूरे कार्यकाल के लिए यह जिम्मेदारी संभाली है।
आरएलएम चीफ उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि दीपक प्रकाश किसी भी सदन (विधानसभा या विधान परिषद) के सदस्य नहीं हैं और फिर भी उन्हें मंत्री बनाया गया है। लेकिन उन्होंने सिर्फ आरएलएम की इच्छा से मंत्री पद की शपथ नहीं ली। उन्होंने शपथ इसलिए ली क्योंकि यह पूरे एनडीए की, विशेष रूप से सबसे बड़े सहयोगी दल भाजपा की भी इच्छा थी।”
दीपक प्रकाश दो-चार महीने के लिए मंत्री नहीं बने हैं- उपेंद्र कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बीजेपी समेत एनडीए के सभी शीर्ष नेताओं ने दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया है और वे उन्हें पद पर बनाए रखने का रास्ता भी निकाल लेंगे। कुशवाहा ने कहा, “उन्होंने यह फैसला सोच-समझकर ही लिया होगा। इसलिए उनकी समझदारी पर संदेह करने की कोई जरूरत नहीं है। दीपक प्रकाश सिर्फ दो-चार महीने के लिए मंत्री नहीं बने हैं। उन्होंने पूरे कार्यकाल के लिए यह जिम्मेदारी संभाली है। मेरा विश्वास कीजिए, वह मंत्री बने रहेंगे। बस इंतजार कीजिए और देखिए कि आगे क्या होता है।”
इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस संबंध में स्पष्ट संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि दीपक प्रकाश फिलहाल मंत्री हैं और आगे भी मंत्री बने रहेंगे।
बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं दीपक प्रकाश
बता दें कि हाल ही में दीपक प्रकाश को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री बनाया गया था, जबकि वह न तो बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के। दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर बने रहने को लेकर अटकलें तब तेज हो गईं, जब विधान परिषद चुनाव के लिए घोषित राजग के नौ उम्मीदवारों की लिस्ट में उनका नाम शामिल नहीं था। इन उम्मीदवारों में भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह और राज्य के मंत्री निशांत कुमार भी शामिल थे। गुरुवार को को राजग के सभी नौ उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
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बिहार के पंचायती राज मंत्री के तौर पर दीपक प्रकाश की दोबारा नियुक्ति को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि प्रकाश राज्य विधानसभा के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं और इसलिए वे राज्य सरकार के मंत्रालय में कोई पद नहीं संभाल सकते। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
