UP और बिहार में बाढ़, 40 लाख से अधिक लोग प्रभावित - Jansatta
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UP और बिहार में बाढ़, 40 लाख से अधिक लोग प्रभावित

उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में बाढ़ के कारण हालात बिगड़ गए हैं। इससे उत्तर प्रदेश और बिहार में 40 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो गए हैं।

Author नई दिल्ली | August 26, 2016 3:49 AM
(Express Photo)

उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में बाढ़ के कारण हालात बिगड़ गए हैं। इससे उत्तर प्रदेश और बिहार में 40 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो गए हैं। बिहार में गुरुवार को बाढ़ से आठ और लोगों के मरने के साथ इस राज्य में मृतकों की कुल संख्या 135 पहुंच गई। उत्तर प्रदेश के 28 जिले बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बाढ़ पीड़ितों को मदद एवं राहत के लिए भाजपा सांसद सीआर पाटिल को काम पर लगाया गया है। कई स्थानों पर बचाव और राहत कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की मदद ली जा रही है।

बिहार के भोजपुर जिले में बाढ़ के कारण गुरुवार को आठ व्यक्तियों की मौत हो गई है। इससे बिहार में बाढ़ से मरने वालों की तादाद 135 पहुंच गई है। बिहार में गंगा, सोन, पुनपुन, बूढ़ी गंडक, घाघरा, कोसी और अन्य नदियां उफान पर हैं। इसके चलते बिहार के 12 जिलों में 1,934 गांवों में 31.33 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित 12 जिलों में बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारन, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। बिहार में कुल 3.44 लाख लोगों को बाहर निकाला गया है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में 433 राहत शिविर चल रहे हैं जहां 1.74 लाख लोगों ने शरण ली है। इसके अलावा, पशुओं के लिए 108 शिविर खोले गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में विभिन्न राहत शिविरों का दौरा किया।

उत्तर प्रदेश में गंगा नदी उफान पर है। इसके चलते इलाहाबाद, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया के कुल 950 से ज्यादा गांवों की साढ़े आठ लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है। प्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने गुरुवार को बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्वीकारा कि वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में हालात बहुत खराब हो गए हैं। बलिया में ही दो लाख से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। इलाहाबाद, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर एवं बलिया में बाढ़ से निपटने के लिए अब तक 323 बाढ़ चौकियां, 142 राहत शिविर तथा 101 राहत वितरण केंद्रों की स्थापना की गई है। गंगा नदी फाफामऊ (इलाहाबाद), छतनाग (इलाहाबाद), मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा नरौरा (बुलंदशहर), फतेहगढ़, अंकिनघाट (कानपुर देहात) और कानपुर में गंगा का जलस्तर लाल निशान के नजदीक पहुंच गया है।

उत्तर प्रदेश यमुना नदी का जलस्तर कालपी और बुंदेलखंड में आने वाले कालपी, हमीरपुर और चिल्लाघाट (बांदा) के साथ-साथ नैनी (इलाहाबाद) में भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। प्रयागघाट में यह नदी लाल निशान के नजदीक बह रही है। शारदा नदी का जलस्तर पलियाकलां (खीरी) में खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है। बघाघरा नदी एल्गिन ब्रिज, अयोध्या और तुर्तीपार (बलिया) में लाल निशान के नजदीक बह रही है। मंदिरों की नगरी वाराणसी के घाट जलमग्न हो गए हैं और दो जगहों पर दाह संस्कार नहींं हो पा रह है। वाराणसी में सूखी लकड़ी की कमी के कारण उसकी कीमत बढ़ने से मृतकों की अंत्येष्टि करनी होगी महंगी हो गई है। वाराणसी में बाढ़ से अधिकतर बुनकर प्रभावित हुए हैं। पश्चिम बंगाल के मालदा के 29 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इस इलाके में गंगा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है।

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