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तमिलनाडुः पुलिस हिरासत में पिता-पुत्र की मौत पर भड़का लोगों का गुस्सा, लॉकडाउन में तय समय से 15 मिनट ज्यादा खुली रखी थी दुकान

पुलिस ने पिता और उसके बेटे को निर्धारित समय के बाद सिर्फ 15 मिनट ज्यादा मोबाइल की दुकान खोले रखने पर 19 जून को गिरफ्तार किया था। चार दिनों के बाद दोनों की अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने दोनों को हिरासत में बहुत मारा था।

पिता और बेटे की मौत की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। (file)

तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के सथनकुलम कस्बे में पुलिस हिरासत में एक पिता और बेटे की मौत की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस तरह से पिता और बेटे की मौत की वजह से लोगों में भारी गुस्सा है और लोग पुलिस के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। लोग अपना विरोध करने के लिए सड़क पर उतर आए हैं।

पुलिस ने पिता और उसके बेटे को निर्धारित समय के बाद सिर्फ 15 मिनट ज्यादा मोबाइल की दुकान खोले रखने पर 19 जून को गिरफ्तार किया था। चार दिनों के बाद दोनों की अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने दोनों को हिरासत में बहुत मारा था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा की गई मारपीट और हिंसा के निशान मृतकों के शरीर पर थे। घर वालों की मांग है कि आरोपी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए।

पिता-पुत्र की मौत के बाद राज्य में राजनीति गर्माने लगी है। विपक्षी दल डीएमके ने इस घटना पर एआईएडीएमके सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य सरकार से न्याय की अपील की है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा “पुलिस की बर्बरता एक भयानक अपराध है। यह एक त्रासदी है जब हमारे रक्षक ही उत्पीड़क बन जाते हैं। मैं पीड़ितों के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार से अपील करता हूं।”

गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने इस घटना की तुलना अमेरिका में अफ्रीकी-अमेरिकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या से की है। जिग्नेश ने ट्वीट करते हुए लिखा, “प्रिय बॉलीवुड सेलेब्स, क्या आपने सुना तमिलनाडु में क्या हुआ है? क्या आप दूसरे देशों में होने वाली घटनाओं पर ही इंस्टाग्राम पर एक्टिव होंगे। भारत में कई ऐसे जॉर्ज फ़्लॉड्स हैं। जो पुलिस हिंसा और यौन शोषण का शिकार हो जाते हैं।”

दोनों की मौत के बाद चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने घटना पर दुख जताया है। सीएम ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये और नौकरी देने की बात कही है। सांसद कनिमोझी ने मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा है।

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