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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से लापरवाही के चलते हुई मौत: अदालत

दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति के घर में लगे कूलर में करेंट आने से एक राहगीर की मौत पर कूलर मालिक के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।
Author नई दिल्ली | November 9, 2015 22:20 pm

दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति के घर में लगे कूलर में करेंट आने से एक राहगीर की मौत पर कूलर मालिक के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वृंदा कुमारी ने मजिस्ट्रेटी अदालत के आरोपी इलेक्ट्रीशियन रजा खान को बरी करने के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि उसके खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

आरोप तय करने के लिए मामला फिर से मजिस्ट्रेट के पास भेजते हुए जज ने कहा कि आइपीसी के तहत लापरवाही से हुई मौत के अपराध के लिए आरोपी के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 251 के तहत आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। अदालत ने उल्लेख किया कि शिकायतकर्ता ने घटना के चार दिन पहले आरोपी को कूलर में गड़बड़ी के बारे में सूचित किया था, लेकिन उसने इसे ठीक करने के लिए कोई जतन नहीं किया। जज ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की सही तरह से देखभाल नहीं करने की भूल आइपीसी की धारा 304 ए (लापरवाही से हुई मौत) के तहत लापरवाही वाला अपराध है।

अभियोजन के मुताबिक खान ने संगम विहार में अपने घर की खिड़की में कूलर लगाया था जिससे गली काफी तंग हो गई। कूलर में करंट आने की वजह से गली से गुजर रहे महेश की मौत हो गई। शिकायतकर्ता ओमबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने कूलर की गड़बड़ी के बारे में घटना के चार दिन पहले खान को बताया था लेकिन उसने इसे ठीक करने की कोई कोशिश नहीं की। निचली अदालत ने खान को इस आधार पर बरी कर दिया था कि अभियोजन मौत के मामले में खान का संबंध दिखा पाने में नाकाम रहा।

अदालत ने विज्ञापन पर रोक लगाने से इनकार किया : अदालत ने दीपिका पादुकोण अभिनीत जिलेट के एक रेजर के विज्ञापन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। रेकिट बेंकाइजर कंपनी ने दावा किया था कि विज्ञापन से उसके हेयर रिमूवल क्रीम को कमतर दिखाया गया और इससे उसका व्यापार प्रभावित हो रहा है।
न्यायमूर्ति बदर दुर्रेज अहमद और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के पीठ ने प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमिटेड और जिलेट इंडिया लिमिटेड को नोटिस भेजे और रेकिट की याचिका पर उनसे जवाब मांगे।

रेकिट ने उसे अंतरिम राहत देने से इनकार करने वाले एक एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। पीठ ने मामले में सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की। इससे एक दिन पहले एकल न्यायाधीश रेकिट की याचिका पर सुनवाई करेंगे। एकल न्यायाधीश ने गत तीन नवंबर को रेकिट की याचिका पर नोटिस जारी किया था और विज्ञापन पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार करते हुए 19 नवंबर को सुनवाई तय की थी। रेकिट ने दावा किया था कि जिलेट के विज्ञापन ‘वीनस रेजर’ से उसके उत्पाद – वीट हेयर रिमूवल क्रीम की प्रतिष्ठा कमतर होती है क्योंकि वीडियो में उसके उत्पाद को ‘वही पुराना’ बताया गया है।

रेकिट ने कहा कि वीडियो में क्रीम के साथ इस्तेमाल किए जाने वाला उसका विशिष्ट स्पेचूला (क्रीम लगाने का उपकरण) दिखाया गया। रेकिट ने कहा कि अगर वीडियो का प्रसारण रोका नहीं जा सकता तो कम से कम स्पेचूला को धुंधला कर दिया जाए। रेकिट का दावा है कि हेयर रिमूवल क्रीम के 60 फीसद बाजार पर उसका कब्जा है और विज्ञापन दिखाया जाता रहा तो उसका व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। खंडपीठ ने हालांकि कोई भी अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार करते हुए कहा कि पहले दूसरे पक्ष को यहां आने दीजिए।

 

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