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अयोध्या: हनुमान गढ़ी में पूजा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किए राम लला के दर्शन

मंगलवार को हुई सुनवाई में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और केंद्रीय मंत्री उमा भारती समेत 12 आरोपियों को जमानत तो दी, लेकिन उन पर धारा 120बी के तहत आपराधिक साजिश का केस चलाने का आदेश दिया था।
डीएम रविंद्र कुमार के अनुसार योगी आदित्य नाथ सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (31 मई) अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने अस्थायी राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद भार संभालने के बाद वह पहली बार अयोध्या आए हैं। आदित्यनाथ का यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक दिन पहले ही बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा के शीर्ष नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने के आरोप तय किए गए हैं। मुख्यमंत्री बुधवार सुबह यहां पहुंचे। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद परिसर में स्थित अस्थायी मंदिर में वह करीब आधे घंटे तक रहे। बाद में उन्होंने सरयू नदी के तट पर पूजा की। आदित्यनाथ ने सबसे पहले अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ धर्म दास भी थे। मंगलवार को दास के खिलाफ भी आपराधिक साजिश रचने के आरोप तय हुए हैं।

कल लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत ने साल 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा के दिग्गज नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, एमएम जोशी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती और नौ अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे। आडवाणी के अदालत पहुंचने से पहले आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित वीवीआईपी गेस्ट हाउस में उनसे मुलाकात की थी। गत 19 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय ने उनके खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोपों को बहाल करने का आदेश दिया था। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने सभी छह को 50,000-50,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी। उनकी जमानत याचिका का सीबीआई ने विरोध किया था लेकिन न्यायाधीश ने विरोध को खारिज कर दिया था। बचाव पक्ष के वकील प्रशांत सिंह अटल ने बताया था, “अदालत ने सुनवाई के बाद सभी 12 आरोपियों को जमानत दे दी। हमने अपनी बात रखी है। हमने अदालत को बताया था कि बाबरी मामले में इन लोगों की कोई संलिप्तता नहीं थी।”

गौरतलब है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने दोनों पक्षों को बैठकर बातचीत से इस मसले को सुलझाने की सलाह दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का कोई जज या वह खुद इसमें मध्यसता कर सकते हैं। लेकिन उनके इस प्रस्ताव को माना नहीं गया था। हालांकि यूपी सरकार ने अयोध्या का कायाकल्प करने की तैयारी शुरू कर दी है। कुछ समय पहले केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और योगी सरकार के बीच एक बैठक हुई थी, जिसमें तय किया गया था कि अयोध्या में विकास कार्य जल्द ही शुरू होगा। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा था, जब हम रामायण सर्किट की बात करते हैं तो इसका मतलब सिर्फ म्यूजियम ही नहीं है, इसमें पूरे अयोध्या शहर का समूचा विकास शामिल है। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया था कि उन्होंने और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें कई क्षेत्र शामिल हैं।

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