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डेढ़ साल पहले हुई थी पिता की मौत, बेटी ने कराई मां की दूसरी शादी

संहिता अग्रवाल पिता के निधन के बाद मां गीता को अकेलेपन से बचाने के लिए उनकी दोबारा शादी कराने का फैसला किया था।

Author नई दिल्‍ली | January 11, 2018 12:13 PM
संहिता अग्रवाल मां गीता अग्रवाल और कृष्‍ण गोपाल गुप्‍ता के साथ। (कोरा/संहिता अग्रवाल)

भारतीय समाज में हर मां-बाप का सपना होता है कि वह अपनी बेटी की धूमधाम से शादी करे। लेकिन, बेटी द्वारा मां की शादी कराने के बारे में आपने शायद ही कभी सुना हो। राजस्‍थान में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। बेटी ने परिवार और समाज की परवाह किए बगैर मां की दोबारा शादी कराई। राजस्‍थान में पुनर्विवाह को ठीक नहीं माना जाता है, लेकिन तमाम तरह के विरोध के बावजूद ऐसा संभव हो सका। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पेशे से स्‍कूल टीचर गीता अग्रवाल के पति मुकेश गुप्‍ता का मई, 2016 में निधन हो गया था। गीता की बेटी संहिता नौकरी के सिलसिले में गुड़गांव आ गई थी। संहिता दो बहन हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। ऐसे में पिता के निधन के बाद सिर्फ संहिता ही अपने मां के पास रहती थी, लेकिन उनके मार्च, 2017 में गुड़गांव आने के बाद गीता अकेली हो गई थीं।

मुकेश की मौत से गीता डिप्रेशन में चली गई थीं। संहिता के गुड़गांव जाने से उनकी हालत और खराब होती जा रही थी। ‘हिंदुस्‍तान टाइम्‍स’ की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे में संहिता के मन में अपनी मां की शादी कराने का खयाल आया। संहिता ने बताया, ‘मैं मां को छोड़ कर बाहर आने के लिए हमेशा खुद को कोसती रहती थी। मैं वीकएंड पर घर चली जाती थी, ताकि वह कम से कम दो रात तक तो खुश रह सकें। ऐसे में मैंने पिछले साल अगस्‍त में अपनी मां के लिए पार्टनर ढूंढ़ने का फैसला किया था। मैंने मां की इजाजत के बिना ही मैट्रीमोनियल साइट पर उनका प्रोफाइल क्रिएट किया और अपना मोबाइल नंबर डाल दिया। मैंने उन्‍हें सितंबर में इसकी जानकारी दी थी।’

गीता इसको लेकर आशंकित थीं। उनके परिवारवाले भी पुनर्विवाह के खिलाफ थे। गीता ने कहा, ‘संहिता की इस आइडिया पर मैं पागल सी हो गई थी। हमारे रूढ़ीवादी परिवार में विधवा के विवाह को अपमानजनक माना जाता है।’ संहिता बताती हैं परिवार के एक भी सदस्‍य ने इसका समर्थन नहीं किया था, लेकिन वह इसको लेकर पूरी तरह आश्‍वस्‍त थीं। बकौल संहिता, अक्‍टूबर, 2017 में 55 वर्षीय कृष्‍ण गोपाल गुप्‍ता का उनके पास फोन आया था। वह बांसवारा में रिवेन्‍यू इंस्‍पेक्‍टर हैं। उनकी पत्‍नी का कैंसर के कारण वर्ष 2010 में निधन हो गया था। उनके दो बेटे हैं। उन्‍होंने बताया कि पत्‍नी के निधन के बाद वह खुद को बैडमिंटन खेलने में झोंक दिया था, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण फिटनेस की समस्‍या सामने आने लगी थी। दोस्‍तों ने दूसरी शादी करने की सलाह दी और मैट्रीमाेनियल साइट पर अकाउंट भी बना दिया था। नवंबर में गीता को सर्जरी करानी पड़ी थी। उस वक्‍त केजी. गुप्‍ता जयपुर में लगातार तीन दिनों तक उनके साथ रहे थे। दोनों के बीच आपसी समझ विकसित होने का ही नतीजा था कि गीता और केजी. गुप्‍ता दिसंबर में शादी के बंधन में बंध गए।

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