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संतों की सभा में दिल्ली में किया जाएगा भावी योजनाओं का खुलासा

बुजुर्ग संन्यासी परमानंद ने मुसलमानों से अपील की है कि वे स्वयं इस काम में आगे बढ़कर हिंदू समाज का सहयोग करें। परमानंद ने कहा कि अध्यादेश की मांग चल रही है। अगर अध्यादेश से या निर्माण शुरू कराया गया तो मथुरा और काशी में भी अध्यादेश की मांग शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मंदिर का आंदोलन मैंने साधु-संतों के साथ शुरू कराया है। मैं तब तक जिंदा रहूंगा, जब तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो जाएगा।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर (File photo)

अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की धर्म सभा में देशभर से आए साधु-संतों ने सरकार से मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए कहा है। साधु-संतों ने कहा कि अध्यादेश लाकर या दूसरा रास्ता निकाल कर सरकार राम मंदिर निर्माण का क्रम शुरू करे। संतों ने कहा कि नौ दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में साधु-संतों की सभा में मंदिर निर्माण की तिथि व अन्य भावी योजनाओं का खुलासा किया जाएगा। जगतगुरु हंस आचार्य ने कहा कि राम मंदिर में बाधा डालने वाले लोगों के नाम उजागर होने चाहिए। अयोध्या के बड़ा भक्तमाल की बगिया में हुई धर्मसभा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सभा की अध्यक्षता कर रहे बुजुर्ग संन्यासी परमानंद ने मुसलमानों से अपील की है कि वे स्वयं इस काम में आगे बढ़कर हिंदू समाज का सहयोग करें। परमानंद ने कहा कि अध्यादेश की मांग चल रही है। अगर अध्यादेश से या निर्माण शुरू कराया गया तो मथुरा और काशी में भी अध्यादेश की मांग शुरू हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि मंदिर का आंदोलन मैंने साधु-संतों के साथ शुरू कराया है। मैं तब तक जिंदा रहूंगा, जब तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो जाएगा। राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि केंद्र में मोदी की सरकार है और प्रदेश में योगी की सरकार है। अब दोनों को मिलकर चाहिए कि अयोध्या में दिव्य व भव्य मंदिर का निर्माण हो और दोनों को इसके लिए सहयोग करना चाहिए। संघ के सरकार्यवाह डॉक्टर कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि छह दिसंबर, 1992 की घटना के बाद लोग मान रहे थे कि राम मंदिर आंदोलन अब समाप्त हो गया है। हालांकि आज की भीड़ से यह साफ हो गया है कि राम मंदिर आंदोलन जनता के दिलों में बसा है। उन्होंने कहा कि हिंदू अयोध्या, मथुरा और काशी में मंदिर चाहती है। संतों का जो निर्णय होगा, उसे श्रद्धा और अनुशासन के साथ संघ और आम जनता मानने को तैयार है।

हनुमानगढ़ी के संत गौरी दास ने कहा कि मंदिर के निर्माण हम सब विश्व हिंदू परिषद के साथ हैं। केरल से आए जगद्गुरु श्री धराचार्य ने कहा कि हम पूरे देश में सौहार्द चाहते हैं और मंदिर निर्माण कर देश में सुख और समृद्धि का वातावरण बनाना चाहते है। केरल के संत शांतानंद ने कहा कि अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक रामजन्म भूमि के समर्थन में रथ यात्रा पूरी की जा चुकी है। मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने कहा कि प्रतीक्षा की बात कब तक हिंदू जनता सुनती रहेगी।

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