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दार्जिलिंग हिंसा: 5 हजार प्रदर्शनकारियों के आगे सिर्फ 33 सैनिक, वीडियो में देखिए आ रही कैसी परेशानी

अलग राज्य की मांग को लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सिंगमारी में जीजेएम मुख्यालय से प्रदर्शन रैली निकाली।

हालात पर काबू पाने के लिए पुलिसबल और सैनिकों को तैनात किया गया है। (PTI)

दार्जिलिंग की पहाड़ियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल के छठे दिन हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं अब भी जारी है। यहां स्थिति को हाथ से निकलता देख सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। ताजा जानकारी के अनुसार गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी और आगजनी की। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिसबल और सैनिकों को तैनात किया गया है। इस दौरान सेना के एक जवान ने ‘जनसत्ता’ को बताया कि यहां लगभग जेजीएम के 5 हजार प्रदर्शनकारी हैं और हमारे सैनिक सिर्फ 33 हैं। ऐसे में प्रदर्शकारियों पर काबू पाना काफी मुश्किल है।

जवान ने कहा, ”जीएसपी और पुलिस के कहने पर हम सेना की टूकड़ी लेकर आ गए। लेकिन प्रदर्शनकारी काफी है, ऐसे में उनपर काबू पाना मु्श्किल है। प्रदर्शनकारी छिप-छिप कर पत्थरबाजी कर रहे हैं। इस हमले में कुछ पुलिसबल के जवान और जीएसपी भी घायल हो गया है।”

बताया जा रहा है कि सिंगमारी क्षेत्र में जीजेएम कार्यकर्ताओं ने दंगा रोधी पुलिस पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंके तथा पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए जिसकी वजह से प्रशासन को इलाके में सेना को तैनात करनी पड़ी।

अलग राज्य की मांग को लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सिंगमारी में जीजेएम मुख्यालय से प्रदर्शन रैली निकाली। इलाके में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण पुलिस ने राष्ट्रध्वज और जीजेएम झंडे हाथ मे लेकर चल रहे प्रदर्शनकारियों से लौटने के लिए कहा।

नारे लगा रहे प्रदर्शनकारी वापस नहीं लौटे और उन्होंने पुलिस पर पत्थर तथा बोतलें फेंकनी शुरू कर दी। एक वाहन में भी आग लगा दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ”हमने उन्हें वापस लौटने के लिए कहा लेकिन उन्होंने पत्थर, बोतलें और पेट्रोल बम फेंकना शुरू कर दिया। हमें लाठीचार्ज करना पड़ा।”

पुलिस ने बताया कि झड़प में कुछ पुलिसकर्मी और जीजेएम कार्यकर्ता घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की कमांड में पुलिस और अर्द्धसैन्य बल का बड़ा दल घटनास्थल पर पहुंचा। दवा की दुकानों को छोड़कर दार्जीलिंग में सभी अन्य दुकानें और होटल बंद हैं।

वहीं आज की हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए पर्यटन मंत्री गौतम देब ने कहा, ”सरकार जीजेएम की गुंडागर्दी स्वीकार नहीं करेगी।” जीजेएम नेता विक्रम राय के बेटे एवं जीजेएम विधायक अमर राय को पुलिस ने दार्जीलिंग से पकड़ लिया। विक्रम जीजेएम की मीडिया शाखा का प्रभारी है। पुलिस ने कल रात वरिष्ठ जीजेएम नेता बिनय तमांग के आवास पर छापा मारा था जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां बिजनबाडी इलाके में पीडब्ल्यूडी का कार्यालय फूंकने की कोशिश की।

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