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मध्‍यप्रदेश: एसबीआई के एटीएम से निकले बिना नंबर वाले 500-500 के नोट

बैंक इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच में जुट गया है।

एटीएम कार्ड खो जाने की स्थिति में आपको कहीं जाना नहीं है, अगर आपने इस एप पर रजिस्ट्रेशन कर रखा है तो आपको एप के एटीएम कम डेबिट कार्ड फीचर में जाकर एटीएम कार्ड ब्लॉकिंग को चुनना होगा, उसमें कार्ड के आखिरी चार अंक डालने होंगे और एटीएम कार्ड ब्लॉक हो जाएगा।

देश में जब से नोटबंदी हुई है तब से बैंकों के एटीएम से नकली नोट निकलने के मामले सामने आते रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश के दमोह का है जहां पर एसबीआई के एटीएम से नकली नोटों के निकलने का मामला सामने आया है। इस मामले के सामने आने के बाद एसबीआई ने इस एटीएम को बंद करा दिया और मामले की जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नारायण अहिरवार नाम का व्यक्ति जो कि पेशे से शिक्षक है, वह एसबीआई के एटीएम पर पैसे निकालने के लिए गया था। नोट निकालने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब मशीन से नोट बाहर आए तो उसने पाया कि नोट नकली हैं।

नारायण अहिरवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उसे मशीन के द्वारा जो नोट मिले थे वे 500-500 रुपए के थे, जिनपर सीरीयल नंबर ही नहीं लिखा हुआ था। नोट के नकली निकलने के बाद नारायण अहिरवार ने इसकी शिकायत एसबीआई बैंक के प्रबंधक से की। प्रबंधक ने बैंक की गलती मानते हुए नारायण अहिरवार को नकली नोटों के बदले असली नोट दे दिए। बैंक इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच में जुट गया है।

गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले देश की राजधानी में भी एक एटीएम से 2000 के नकली नोट निकलने का मामला सामने आया था। एटीएम से निकले इस 2000 के नोट पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की जगह चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया लिखा हुआ था। इस मामले की शिकायत बैंक ने पुलिस में की थी जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच करके इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था।

आपको बता दें कि जाली नोटों को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइन्स कहती हैं कि जाली नोटों की जिम्मेदारी बैंकों पर होनी चाहिए, क्योंकि एटीएम में करेंसी को डालने से पहले सभी नोटों की जांच जाली नोट पकड़ने वाली मशीन से की जाती है। इस लिहाज से कस्टमर के पास अगर कोई नकली नोट आता है तो इसकी जिम्मेवारी बैंक की है।

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