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राजस्थान: घर के बाहर लगा आंबेडकर का पोस्टर तो लोगों ने कर दी पिटाई, दलित शख्स ने तोड़ा दम

दलित समुदाय के युवक की हत्या के बाद भीम आर्मी ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र जयपुर | Updated: June 10, 2021 8:19 AM
राजस्थान के हनुमानगढ़ में आंबेडकर का पोस्र लगाने पर विनोद बामनिया की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। (फोटो- IE)

राजस्थान में एक दलित व्यक्ति की हत्या से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आ रहा है। यहां हनुमानगढ़ जिले के एक गांव में कुछ दिन पहले बाबासाहेब आंबेडकर के पोस्टर पर उभरा विवाद इतना बढ़ गया कि ओबीसी समुदाय के कुछ लोगों ने 21 साल के युवक की जबरदस्त पिटाई कर दी। बताया गया है कि दलित युवक इस मारपीट के बाद बुरी तरह घायल हो गया और एक दिन पहले ही उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस के मुताबिक, हनुमानगढ़ के किकरालिया गांव का रहने वाला विनोद बामनिया भीम आर्मी का सदस्य था। उस पर 5 जून को ओबीसी समुदाय के कुछ लोगों हमला कर दिया, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं। विनोद को घटना के बाद श्रीगंगानगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर रहने के दो दिन बाद ही उसका निधन हो गया।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में विनोद के परिवार की शिकायत के बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक व्यक्ति अनिल सिहाग और दूसरा राकेश सिहाग है। इन दोनों के खिलाफ पोस्टर फाड़ने और मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि कुल चार आरोपियों में से ये दो हैं।

एफआईआर में कहा गया है कि आरोपियों ने मारपीट के दौरान दलित युवक के खिलाफ जातीय टिप्पणियां करते हुए कहा- “आज तुम्हारा आंबेडकरवाद याद दिलवाएंगे।” इस घटना के बाद भीम आर्मी ने पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

दरअसल, पुलिस का कहना है कि बामनिया ने इसी साल अलग-अलग मुद्दों को लेकर दो शिकायतें दर्ज कराई थीं। पहली अप्रैल में जब उसने एक स्कूल में हनुमान चालीसा बंटवाने का विरोध किया था और फिर उसे धमकी भरे फोन आने शुरू हो गए थे। इसके बाद अगली शिकायत उसने गांववालों द्वारा खुद पर हुए हमले को लेकर कराई थी। विनोद का आरोप था कि उसने एक रोड ब्लॉक को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उस पर और उसके परिवार पर हमला हुआ था।

विनोद बामनिया के चचेरे भाई मुकेश, जो कि उसकी हत्या के चश्मदीद गवाह और मामले में शिकायतकर्ता हैं, का कहना है कि 5 जून को हुआ हमला पोस्टर वाली घटना का बदला था। उसने बताया कि 14 अप्रैल को उसने विनोद और कुछ अन्य युवकों के साथ मिलकर गांव में डॉ आंबेडकर की जयंती मनाई और अपने मकान पर डॉ आंबेडकर का बैनर भी लगाया। आरोप है कि 24 मई 2021 को स्थानीय युवक राकेश सिहाग और उनके भाई अनिल सिहाग यहां पहुंचे और बाबा साहेब के बैनर फाड़ दिए। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया, जिसे पंचायत ने सामने बुलाकर खत्म कराया।

मुकेश का कहना है कि इस घटना के बाद असल आरोपी बदला लेना चाहते थे। उन्होंने 5 जून की शाम राकेश और उसके कुछ साथियों ने विनोद और मुकेश को उनके खेत के पास रोका और गाली-गलौच करने लगे। बात बढ़ने के बाद राकेश और उसके साथियों ने विनोद, मुकेश को बुरी तरह पीटा। विनोद के सिर पर हॉकी से वार किया गया, जिससे वो बुरी तरह जख़्मी हो गया। मुकेश का कहना है कि वह खुद हल्की चोटों के बाद जान बचाकर भाग निकला। इस घटना के बाद विनोद को श्रीगंगानगर के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।

आरोपियों पर आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाने की सजा), 341 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना), धारा 143 (गैरकानूनी जनसमूह का सदस्य होने के नाते दंड) और SC-ST ऐक्ट समेत तमाम धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। विनोद की मौत के बाद इस केस में धारा 307 को बदलकर आईपीसी की धारा 302 लगा दी गई।

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