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यूपी: गरीबी से तंग दलित ने मांगी इच्‍छामृत्‍यु, कहा- सरकारी योजनाओं का भी लाभ नहीं मिलता

एक दलित ने मुफलिसी की जिंदगी से छुटकारा पाने के लिए मुख्यमंत्री से परिवार सहित इच्छामृत्यु की इजाजत मांगी है। उसने आरोप लगाया कि उसे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक दलित ने मुफलिसी की जिंदगी से छुटकारा पाने के लिए मुख्यमंत्री से परिवार सहित इच्छामृत्यु की इजाजत मांगी है। उसने आरोप लगाया कि उसे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। बांदा जिले के मकरी गांव के भूमिहीन दलित मातादीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में कहा,”मेरा परिवार खपरैल के खंडहरनुमा घरौंदे में रह रहा है। मैंने जिले के अधिकारियों तक के चक्कर लगाए लेकिन अभी तक न तो शौचालय मिला और न ही राशन कार्ड दिया गया।” उसने पत्र में लिखा कि वह अपनी पत्नी शकुंतला के साथ जान देना चाहता है, लिहाजा उसे इच्छामृत्यु की इजाजत दी जाए। हालांकि, इस मामले में जिलाकारी डी.पी. गिरि का कहना है कि उन्हें दलित द्वारा इच्छामृत्यु मांगे जाने की जानकारी नहीं है। उन्हें जॉब कार्ड, इंदिरा आवास और शौचालय पहले ही दिया जा चुका है।

लड़की ने ट्वीट कर मांगी इच्छा मृत्यु: इसी तरह का एक और मामला उत्तर प्रदेश से ही सामने आया है। यहां प्यार में धोखा खायी युवती ने ट्वीटर के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और यूपी पुलिस को पत्र लिख इच्छामृत्यु मांगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगरा की रहने वाली लड़की ने बताया कि मुंबई के रहने वाले रविंद्र ने उसके साथ शादी की और फिर कुछ दिन साथ रहने के बाद छोड़कर चला गया। बाद में जब फोन पर उससे बात हुई तो कहा कि अब वह उसके साथ नहीं रह सकता।

लड़की ने आगे कहा कि, “वह इंसाफ के लिए पुलिस अधिकारियों के पास भी गई। लेकिन तीन महीनों से सिर्फ जांच ही चल रहा है। किसी तरह की कार्रवाइ नहीं हुई। वह अपने परिवारवालों के लिए बोझ बन गई है।” हांलाकि, लड़की द्वारा ट्वीट किए जाने पर पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी रविंद्र कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी, दुराचार और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

एजेंसी इनपुट के साथ 

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