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राजस्थान: दलित युवक को 31 घंटे तक पशुओं के बाड़े में जंजीरों से बांधकर रखा, रॉड से पीटा, केस दर्ज

आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 365, धारा 342, धारा 323 और धारा 143 के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया गया है।

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तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (Photo Credit – Indian Express)

राजस्थान के बूंदी जिले में एक दलित शख्स को जंजीर से बांधकर प्रताड़ित किया गया। सूदखोरों ने ब्याज पर दिया पैसा नहीं चुकाने पर युवक को 31 घंटे तक जंजीर से बांधकर जानवरों के बीच रखा और रॉड से पीटा। जिसके बाद पीड़ित के भाई ने धान व्यापारी सहित 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

पुलिस के अनुसार, अल्फा नगर के रहने वाले धान व्यापारी परमजीत सिंह ने 35 साल के राधेश्याम मेघवाल को साल 2019 में 70 हजार सालाना मजदूरी पर काम पर रखा था। बिलुबा गांव के निवासी राधेश्याम ने व्यापारी से 30 हजार रुपए ब्याज पर उधार भी लिए थे। रात-दिन काम कराने के कारण राधेश्याम बीमार पड़ गया। 6 महीने बाद उसने परमजीत सिंह का फार्म हाउस छोड़ दिया। जिसके बाद एडवांस लिए गए 1 लाख रुपए का हिसाब नहीं करने पर परमजीत और उसका छोटा भाई लगातार राधेश्याम को परेशान कर रहे थे।

बिना मजदूरी के करवाया काम: काम छोड़ने के चार महीने बाद राधेश्याम ने 25 हजार रुपए लौटा दिए और बाकी पैसे के लिए मोहलत मांगी। दो साल पहले परमजीत सिंह और उसका छोटा भाई राधेश्याम को घर से उठाकर ले गए और 10 दिन तक उससे बिना मजदूरी के फसल कटाई का काम करवाया।

राधेश्याम का आरोप है कि परमजीत सिंह की लगातार प्रताड़ना के बाद उसने 25 हजार रुपए दोबारा जमा कर दिए, लेकिन फिर भी परमजीत ने उसे प्रताड़ित करना बंद नहीं किया। कोरोना महामारी के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा राधेश्याम परमजीत को 3 रुपए प्रति सैकड़ा ब्याज के साथ रुपए नहीं लौटा सका।

एफ़आईआर के मुताबिक, रविवार (22 मई) को सुबह परमजीत, उसका छोटा भाई और चार अज्ञात लोग राधेश्याम पर जातिसूचक टिप्पणियां करते हुए उसे उठाकर परमजीत के घर ले गए। वहां जानवरों के बाड़े में बेड़ियों से उसे बांध दिया। 31 घंटों तक राधेश्याम को भूखा-प्यासा रखा गया और लोहे की रॉड से पीटा गया। इससे उसके शरीर पर चोटें आई।

मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू: मामले के जांच अधिकारी शंकर लाल मीणा ने बताया, “इस मामले में 6 आरोपी फिलहाल फरार हैं और हमने उनकी तलाश के लिए टीमों का गठन किया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि राधेश्याम मेघवाल को एक मवेशी शेड में जंजीरों में बांधकर रखा गया था।” डिप्टी शंकर लाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी दिग्विजय सिंह को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पुलिस ने राधेश्याम की शिकायत पर परमजीत सिंह, उसके छोटे भाई समेत चार अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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