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जिग्‍नेश मेवानी की नई मांग- हर दलित को दो 5 एकड़ जमीन

दलित नेता और गुजरात के वडगाम से विधायक जिग्नेश मेवानी ने एक बार फिर दलितों के पक्ष में आवाज बुलंद की है। जिग्नेश ने कहा कि 70 फीसदी दलितों के पास अपनी जमीनें नहीं हैं, इसलिए हर दलित को 5 एकड़ जमीन दी जानी चाहिए।

दलित नेता और गुजरात के वडगाम से विधायक जिग्नेश मेवानी। (फाइल फोटो)

दलित नेता और गुजरात के वडगाम से विधायक जिग्नेश मेवानी ने एक बार फिर दलितों के पक्ष में आवाज बुलंद की है। जिग्नेश ने कहा कि 70 फीसदी दलितों के पास अपनी जमीनें नहीं हैं, इसलिए हर दलित को 5 एकड़ जमीन दी जानी चाहिए। जिग्नेश मेवानी ने गुरुवार (18 जनवरी) को हैदराबाद में कहा कि वह विचारों से सक्षम लोगों के साथ देश में दलितों के उत्थान के लिए योजना बना रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिग्नेश हैदराबाद की जेल में बंद दलित नेता मंडा कृष्ण मडीगा के मिलने पहुंचे थे। मडीगा से मुलाकात के बाद जिग्नेश ने पत्रकारों से कहा कि जमीन एक बड़ा मुद्दा है, हर दलित को 5 एकड़ जमीन देना चाहिए। उन्होंने कहा कि 100 में से 70 दलितों के पास जमीनें नहीं हैं। मडीगा आरक्षण पोराता समिति के संस्थापक मडीगा को अनुसूचित जाति वर्गीकरण के लिए चलाए गए एक प्रदर्शन में जेल हो गई थी।

जिग्नेश मेवानी ने कहा- ”आने वाले दिनों में, मैं कृष्ण मडीगा और अन्य दलित, प्रगतिशील और समान विचार वाले समूह के साथ दलितों के उत्थान के लिए एक व्यापक गठबंधन शुरू करना चाहता हूं।” हाल ही में चुने गए गुजरात के विधायक ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के दिवंगत छात्र रोहित वेमुला की मौत को ‘संस्थागत हत्या’ करार दिया। उन्होंने कहा कि वेमुला आज जिंदा होते और उनके साथ मडीगा से मिलने जाते। रोहित वेमुला ने 16 जनवरी 2016 को विद्यालय परिसर के एक कमरे में आत्महत्या कर ली थी।

मेवानी ने तेलंगाना सरकार से अपील की है कि मडीगा को रिहा कर दिया जाए और उनकी गिरफ्तारी को उनके मौलिक अधिकारों की कटौती माना जाए। उन्होंने कहा- ”मैं राज्य सरकार (तेलंगाना) और पुलिस से उनकी (मडीगा की) रिहाई के लिए अपील करता हूं। वह अपने समुदाय के मौलिक अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। व्यक्तिगत स्वतंत्रता को इस तरह से कम नहीं किया जाना चाहिए।”

जिग्नेश मेवानी गुजरात चुनावों के दौरान से ही केंद्र सरकार के प्रति आक्रामक रुख अपनाए दलितों के लिए आवाज मुखर कर रहे हैं। गुजरात के वडगाम से जीतने के बाद वह लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ शाब्दिक प्रहार कर रहे हैं। हाल ही में दिल्ली में इजाजत नहीं मिलने के बावजूद वह एक रैली में शामिल हुए थे।

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