ताज़ा खबर
 

यूपी: बच्चों के झगड़े के बाद जला दिए दलितों के दस घर, 57 नामजद में से 37 को पुलिस ने पहनाई हथकड़ी, इलाके में तनाव

प्रशासन ने इलाके में तनाव भड़कने के बाद अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया है, साथ ही एक एसएचओ को हटाकर पुलिस लाइंस से अटैच किया गया है।

Dalit-Muslims Clash, Jaunpur, Uttar Pradesh, Communal Clashesजौनपुर के बथेटी गांव में दलित बस्ती का मुआयना करते पुलिसकर्मी। (फोटो- कुमार आशीष)

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में संप्रदायिक दंगों में दलितों के घर जलाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि घटना मंगलवार देर रात की है। जौनपुर के बथेटी गांव में मुस्लिम और दलित समुदाय के बीच टकराव के बाद हिंसक भीड़ ने 10 दलित परिवारों के घर जला दिए गए। इलाके में इसके बाद से ही तनाव भड़क उठा है। इस मामले में दलित समुदाय की तरफ से शिकायत के बाद 57 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें 37 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।

गांव में तनाव के माहौल को देखते हुए अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया है। प्रशासन ने भी स्थितियों पर नियंत्रण न कर पाने के लिए जौनपुर के सराय ख्वाजा पुलिस स्टेशन के एसएचओ को हटाकर पुलिस लाइंस से अटैच कर दिया है।

पुलिस का कहना है कि दोनों समुदायों के बीच टकराव तब भड़का, जब मुस्लिम और दलित युवक के बीच पशुओं को चराने पर हुई कहासुनी हुई। सराय ख्वाजा स्टेशन से हटाए गए अफसर संजीव मिश्रा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मंगलवार शाम को कुछ दलित और मुस्लिम लड़के भैंसें और बकरियां चरा रहे थे। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच कुछ कहासुनी हो गई। पहले गांव के सरपंच ने हस्तक्षेप किया। लेकिन मामला बढ़ने के बाद मुस्लिम समुदाय के लड़के दलित बस्ती में घुस गए, जहां एक युवक ने मुस्लिम युवक को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरु हो गई और लोगों ने कथित तौर पर हथियारों का इस्तेमाल भी किया। बाद में मुस्लिम पक्ष के लोगों ने दलितों के घरों में आग लगा दी।

दलित परिवारों ने पुलिस से शिकायत में कहा है कि दोनों पक्षों की लड़ाई तब शुरू हुई, जब मुस्लिम लड़कों ने उन्हें जातिसूचक अपशब्दों कहे। एक शिकायकर्ता ने कहा कि जब मुस्लिम लड़कों को रोका गया, तो उन्होंने मेरे भाई को मारना शुरू कर दिया। जब हमारे घर के सदस्य इस मारपीट के बारे में आरोपियों से बात करने उनकी घर गए, तो उन्हें भी अपशब्द कहे गए। शाम 6 बजे के आसपास मुस्लिम समुदाय के 57 जाने-पहचाने और 20-25 अपरिचित लोग हथियार और डंडों के साथ बस्ती में आए और जान से मारने की धमकी देने लगे। बस्ती की महिलाओं को पास के गांवों में जाना पड़ा और मुस्लिमों ने 10 घरों में आग लगा दी।

जहां पुलिस ने इस मामलें में आरोपियों पर दंगा भड़काने, हत्या की साजिश और शांति भंग करने के केस दर्ज किए हैं, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके खिलाफ रासुका और गैंगस्टर एक्ट तक लगाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को सीएम आवास योजना के तहत 1 लाख रुपए की मदद दी जाए। इसके लिए सीएम ने 10 लाख 26 हजार रुपए की राहत राशि भी मदद के लिए दी है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 कोविड-19 के बीच सुलतानगंज से देवघर तक सावन में लगने वाला है कांवड़ियों के मेला
2 ‘आप आधी रात जागे थे, शरद पवार हमेशा जागे रहते हैं’, सामना में शिवसेना का बीजेपी पर तंज
3 उत्तराखंड में नई भर्तियों पर रोक, कोरोना के कारण आर्थिक तंगी झेल रही राज्य सरकार
यह पढ़ा क्या?
X