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दस्तावेजों में ‘दलित’ और ‘हरिजन’ शब्द न लिखें

गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के सभी विभागों को निर्देश जारी किया है कि सरकारी दस्तावेजों और कार्यव्यवहार में अनुसूचित जाति के लिए ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाए।
Author नई दिल्ली | April 15, 2018 03:47 am
प्रतीकात्मक तस्वीर

गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के सभी विभागों को निर्देश जारी किया है कि सरकारी दस्तावेजों और कार्यव्यवहार में अनुसूचित जाति के लिए ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाए। गृह मंत्रालय के सुझाव पर सामाजिक न्याय मंत्रालय ने इस आशय का निर्देश जारी किया है। मंत्रालय के निर्देश में यह भी कहा गया है कि अनुसूचित जाति के एक विशेष वर्ग के लिए प्रमाणपत्र जारी करने में ‘हरिजन’ शब्द नहीं लिखा जाए।

गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि संविधान में ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। साथ ही, राष्ट्रपति के द्वारा मान्यता प्राप्त जातियों की सूची में ‘हरिजन’ शब्द की चर्चा नहीं है।  सामाजिक न्याय मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के सुझाव का हवाला देते हुए 10 अप्रैल को यह निर्देश जारी किया। इस निर्देश में कहा गया है कि राष्ट्रपति के आदेश से जारी अधिसूचना में जिन जातियों को मान्यता दी गई है, उन्हीं जातियों के नाम प्रमाणपत्र में लिखे जाएं।

गृह मंत्रालय के द्वारा 10 फरवरी, 1982 को जारी मूल निर्देशिका में हरिजन शब्द को जाति के लिए मान्यता सूची में शामिल नहीं किया गया था। सामाजिक न्याय मंत्रालय ने जारी निर्देश में कहा है कि जाति प्रमाणपत्रों में सिर्फ उस जाति का उल्लेख किया जाए, जिससे संबंधित व्यक्ति का ताल्लुक हो और राष्ट्रपति के आदेशों के तहत अनुसूचित जाति के रूप में जिसे मान्यता दी गई थी।

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