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हरियाणा: धरने पर बैठे दलित परिवारों ने दी धमकी- जमीन वापस नहीं मिली तो कराएंगे धर्म परिवर्तन

धरने पर बैठे दलितों ने आरोप लगाया कि वे कई बार इस मामले को लेकर सीएम मनोहर लाल से भी मिले।
Author जींद | September 26, 2016 07:34 am
चित्र का इस्‍तेमाल केवल प्रस्‍तुतिकरण के लिए किया गया है।

हरियाणा के जींद जिले के लघु सचिवालय पर पिछले चार दिनों से हरिजन सोसायटी की नजूल लैंड मामले को लेकर परिवार समेत अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे डिडवाड़ा गांव के दलित परिवारों ने आज धमकी दी कि वे धर्म परिवर्तन कर हरियाणा से पलायन कर जाएंगे। धरने पर मौजूद परिवारों ने कहा कि अगर उन्हें उनकी जमीन वापिस नहीं मिली और इसे हड़पने वालों के खिलाफ जल्द कार्यवाही नहीं की गयी तो उन्हें मजबूरन धर्म परिवर्तन कर राज्य छोड़ना होगा। धरने पर बैठे दलितों ने इस पूरे मामले में भाजपा नेताओं और अधिकारियों के मिली-भगत का आरोप लगाया है और इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की है। रविवार को धरना स्थल पर पंहुचकर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने दलितों के धरने का सर्मथन किया व प्रदेश सरकार से उनकी जमीन वापिस करने की मांग की।

धरने पर बैठे डिडवाड़ा गांव निवासी सतीश, प्रेम, रोशन, सुबा, नरेश, सनेहरा, जयनारा व शांति देवी ने बताया कि पंजाब नजूल एक्ट 1956 के तहत अनेक गांव के हरिजनों को गुजारे के लिए सहकारी समिति बनाकर नजूल लैंड आवंटित की गयी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2010 से 2014 के बीच भाजपा नेता राजू मोर, रोहताश उर्फ काला, हरपाल सांगवान एवं डीसी कार्यालय में एक कर्मचारी ने मिलीभगत करके 11 गावों की करीब 600 एकड़ भूमि तथा जिसमें उनके गांव की 41 एकड़ भूमि शामिल है को अवैध तरीके से हड़प ली। इस साजिश में उनकी सोसाईटी के प्रधान पाला राम भी शामिल है।

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प्रदर्शन कर रहे लोगोंं ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा मामला उठाने के बाद 13 जुलाई 2015 को पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया। धरने पर बैठे दलितों ने आरोप लगाया कि वे कई बार इस मामले को लेकर सीएम मनोहर लाल से भी मिले। सीएम मनोहर लाल ने इस पूरे मामले में जांच को लेकर अपने ओएसडी जगदीश चोपड़ा की डयूटी लगा दी। लेकिन जांच अभी भी लंबित है।

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