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Gujarat: पुलिस सुरक्षा का इंतजार करता रहा दलित उप-सरपंच, उच्च जाति के लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला!

गुजरात के बोताड़ जिले में रानपुर तालुका के जलिला गांव में रहने वाले मांजी बाइक से कहीं जा रहे थे। रास्ते में कार सवार कुछ लोगों ने लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मार डाला। अहमदाबाद में अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई।

Author अहमदाबाद | June 20, 2019 9:23 AM
प्रतीकात्मक फोटो (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

गुजरात के एक गांव में दलित उप-सरपंच मांजी सोलंकी ने करीब 2 सप्ताह पहले पुलिस सुरक्षा के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। बुधवार को कुछ लोगों ने उन्हें पीट-पीटकर मार डाला। जांच में सामने आया है कि आरोपी पक्ष उच्च जाति के क्षत्रिय समुदाय से ताल्लुक रखता है। बताया जा रहा है कि वारदात के वक्त बोताड़ जिले में रानपुर तालुका के जलिला गांव में रहने वाले मांजी बाइक से कहीं जा रहे थे। रास्ते में कार सवार कुछ लोगों ने लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मार डाला। अहमदाबाद में अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई।

बोताड़ डिविजन के डीएसपी आरएन नाकुम ने बताया कि पीड़ित के परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मामले से जुड़े सबूत जुटाने के लिए एक टीम को अहमदाबाद भेजा गया है। साथ ही, केस भी दर्ज कर लिया गया है।

बोताड़ के एसपी हर्षद मेहता ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मांजी 6 जून को उनके ऑफिस आए थे। उन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। प्रक्रिया के तहत संबंधित पुलिस थाना खतरे का आकलन कर रहा था। फिलहाल दलित परिवार के पास किसी भी तरह की पुलिस सुरक्षा नहीं है।

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बता दें कि सौराष्ट्र रीजन में पिछले एक महीने के दौरान किसी दलित की हत्या का यह तीसरा मामला है। तीनों ही बार कथित तौर पर क्षत्रियों पर आरोप लगाया गया है। वहीं, पीड़ित के परिजनों का दावा है कि मांजी ने पुलिस सुरक्षा की डिमांड कई बार की थी, लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं मिला। बुधवार को हत्या से पहले भी मांजी पर 4 बार हमला हो चुका था। मांजी के बेटे तुषार ने दावा किया कि इससे पहले 3 मार्च 2018 को पापा को चाकू मारा गया था। उसके बाद पापा को पुलिस सुरक्षा मिली थी, लेकिन 2 महीने बाद 17 मई 2018 को उसे हटा लिया गया।

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