कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मंत्रिमंडल के एक मंत्री ने शपथ ग्रहण के महज दो दिन बाद ही अपना इस्तीफा दे दिया, इसे लेकर मंत्री की नाराज होने की खबर आने लगी थी। इस पर अब कांग्रेस कह रही कोई दिक्कत नहीं है सब ठीक है। हालांकि इस इस्तीफे के बाद अभी से ही कर्नाटक सरकार में फूट के संकेत दिखने लगे हैं।
इधर कांग्रेस ने भी शनिवार को कर्नाटक की डीके शिवकुमार के मंत्रिमंडल में फूट की ओर इशारा किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस संकट के समाधान के संकेत दिए हैं लेकिन अभी तक रामलिंगा ने इस पर कुछ नहीं कहा है। हालांकि रणदीप और डीके शिवकुमार ने मंत्रियों के विभागों को बदलाव को लेकर भी कोई इशारा नहीं दिया है।
मंत्री बनने के दो दिन बाद दिया था इस्तीफा
कर्नाटक सरकार में मंत्री बनने के महज दो दिन बाद ही पार्टी के वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा कि रामलिंगा रेड्डी की मांग की थी कि उन्हें बेंगलुरू विकास मंत्री का पोर्टफोलियो दिया जाए, लेकिन डीके शिवकुमार सरकार ने इससे साफ इनकार दिया। इसके बाद रामलिंगा ने अपना इस्तीफा पार्टी को वाट्सऐप से भेज दिया।
डीके शिवकुमार ने 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जहां उनके साथ 13 विधायकों ने मंत्रिमंडल की शपथ ली थी।
कुछ गलतफहमी हुई- रणदीप सुरजेवाला
कर्नाटक के प्रभारी कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने शनिवार को कहा, “कुछ गलतफहमी हुई है। वह पार्टी के एक वफादार सिपाही और मंत्री के रूप में काम करते रहेंगे।”
रणदीप सुरजेवाला ने आगे कहा, “रामलिंगा रेड्डी कांग्रेस पार्टी की एक अनमोल धरोहर हैं। वे 1973 से राजनीति में हैं, कई बार मंत्री भी रह चुके हैं। उनका अनुभव और बुद्धिमत्ता पार्टी के बेहद कीमती है। खासकर इसलिए क्योंकि उनका हमारे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पीसीसी अध्यक्ष हरिप्रसाद और कर्नाटक के हजारों कार्यकर्ताओं से पुराना रिश्ता रहा है।”
पोर्टफोलियो का मुद्दा सुलझ गया- रणदीप
आगे रणदीप ने कहा कि रामलिंगा को चर्चा के बाद इस्तीफे और पोर्टफोलियो का मुद्दा सुलझ गया, उन्हें सिंचाई विभाग मंत्री बनाया गया है, जो पहले शिव कुमार के पास था और कृष्णा बायरे गौड़ा को बेंगलुरु विकास मंत्रालय दिया गया है।
रामलिंगा दक्षिण बेंगलुरु के बीटीएम लेआउट विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं,जबकि कृष्णा बायरे उत्तर बेंगलुरु के ब्याटरायनपुरा सीट से विधायक हैं।
रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि उनके अलावा, रामलिंगा के साथ हरिप्रसाद, डीके शिवकुमार और पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने भी चर्चा की। रणदीप से पहले डीके शिवकुमार ने दावा किया था कि इस्तीफा का मुद्दा सुलझ गया है।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दावा किया है कि उन्होंने मंत्री रामालिंगा रेड्डी के इस्तीफे का मसला सुलझा लिया है। शनिवार सुबह डीके शिवकुमार ने कहा कि विभागों के बंटवारे को लेकर मंत्री रामालिंगा रेड्डी के इस्तीफे से उत्पन्न संकट उनके साथ लंबी बातचीत के बाद सुलझा लिया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
