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Cyclone Fani से तहस-नहस हुई भुवनेश्वर की कारगिल बस्ती, जानें कैसे हैं ट्रांसजेंडर्स और सेक्स वर्कर्स के हालात

चक्रवाती तूफान फानी ने भुवनेश्वर की कारगिल बस्ती को पूरी तरह से तहस नहस कर दिया। यहां झुग्गी की संकरी गलियों में कच्चे मकानों में रहने वाले ट्रांसजेंडरों और सेक्स वर्करों पर फानी मानों पहाड़ बनकर टूटा।

cycloneप्रतीकात्मक तस्वीर फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

भुवनेश्वर की दूसरी सबसे बड़ी कारगिल झुग्गी बस्ती में रहने वाले ट्रांसजेंडरों और सेक्स वर्करों पर फानी मानों पहाड़ बनकर टूटा। लोगों के सिर से छत छिन गई , पाई -पाई जोड़कर सहेजा सारा सामान बह गया और कमाई नहीं होने से खाने के लाले पड़ने की नौबत आ गई है। बता दें शुक्रवार (3 मई) को ओडिशा पर फानी चक्रवात का कहर टूटा जिसने कारगिल बस्ती में रहने वाले एक हजार से ऊपर गरीब परिवारों के सामने कई संकट पैदा कर दिए हैं । इनमें करीब 45 ट्रांसजेंडर और कुछ सेक्स वर्कर भी हैं जो पिछले दस दिन से पाई- पाई को मोहताज हैं । अपने गुरु और राज्य सरकार से मिलने वाली मदद पर इनकी गुजर बसर हो रही है। राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र सरकार से मिली मदद के लिए शुक्रिया कहा। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 लाख विशेष घर बनवाने के लिए भी कहा।

ट्रेनों में मांगते हैं भीखः हवाई अड्डे से रेलवे लाइन के बीच तीन किलोमीटर लंबी और संकरी झुग्गी बस्ती में रहने वालों में ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्कर भी शामिल हैं जिनकी आजीविका ट्रेनों में भीख मांगने से चलती है। फानी की वजह से इनके घर उजड़ गए और राशन पानी, कपड़े लत्ते भी नहीं रहे। कई दिन ट्रेनें बंद रहने से खाने के लाले पड़ गए और फिलहाल उनके ट्रेनों में जाने पर रोक भी लगी हुई है । गौरतलब है कि पूर्वी तटीय रेलवे (ईस्ट कोस्ट रेलवे) ने फानी की आशंका के कारण एक मई को पहले चरण में ही 74 ट्रेनें रद्द कर दी थीं । अभी भी पूरी तरह से ट्रेनों की बहाली नहीं हुई है।

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छत चली गई और काम धंधा भीः शहर के विवेकानंद हाई स्कूल के बाहर राहत वितरण केंद्र में राज्य सरकार से मिल रही 2000 रूपये की नकद मदद और छत की जगह पॉलिथीन लगाने के लिये 500 रूपये का इंतजार कर रही ट्रांसजेंडर रचना ने भाषा से कहा ,’आप हमारी बस्ती में पैर रखकर देखो। एक मिनट रूक नहीं सकोगे। ना बिजली है ना पानी… और गंदगी इतनी कि पूछो मत। हमारे सिर से छत चली गई और काम धंधा भी।’

हमें कोई काम नहीं देताः ट्रांसजेंडर दुर्गा ने कहा,’ हमें कोई काम देता ही नहीं। हमारा मजाक उड़ाते हैं सब। इसलिए ट्रेनों में भीख मांगकर ही गुजारा करना पड़ता है। फानी के बाद ट्रेनें कई दिन नहीं चलीं और अभी भी हमें घुसने की इजाजत नहीं है। हमारे गुरु (मीरा परीडा) ने हमें भूखे मरने से बचाया लेकिन आगे क्या होगा। पिंकी ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर भी है जो 800 से 1000 रूपये कमा लेती थी लेकिन फानी के बाद अपनी जिंदगी के तिनके समेटने की लोगों की जद्दोजहद ने उसकी आजीविका छीन ली।

 

जिंदगाी में परेशानियों के सिवा कुछ नहींः पिंकी ने कहा ,’जिंदगी ने वैसे ही हमें परेशानियों के सिवाय कुछ नहीं दिया । अब तूफान ने रोजी रोटी भी छीन ली । समाज में हमारी कोई इज्जत नहीं है और कोई दूसरा काम मिलता नहीं है । तन ढकने के कपड़े भी नहीं बचे हैं। सरकार से अब मदद मिल रही है लेकिन उससे कितने दिन गुजारा होगा।’ ओडिशा सरकार राशन कार्ड के आधार पर लोगों को सात मई से 2500 रूपये और कुछ किलो चावल दे रही है । भुवनेश्वर में वार्ड के आधार पर 1,04,000 राशनकार्ड धारकों को मदद दी जाएगी जिसके लिए लोग तड़के ही उठकर कतार में लगे दिख जाएंगे। बीएम हाई स्कूल पर राहत वितरण कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि हालत इतनी खराब है कि भीषण गर्मी में कतार में खड़े लोगों का सब्र टूट जाता है और वे आपस में लड़ने लगते हैं । ऐसे में बीच बचाव करना एक अलग ही चुनौती है।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

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