रमजान के महीने के दौरान सहरी और इफ्तार के इंतजाम को लेकर कश्मीरी मुस्लिम छात्रों के साथ हुए विवाद के बाद सीटी विश्वविद्यालय ने कुलपति नितिन टंडन को पद से हटा दिया है। जिला प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की है और कहा है कि इस विवाद को सुलझा लिया गया है।

लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन का कहना है कि सीटी विश्वविद्यालय में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मामले में प्रशासन ने आरोपों की जांच की और इसके बाद कुलपति को बर्खास्त किए जाने की कार्रवाई की गई है।

प्रशासन ने इस मामले में एसएसपी लुधियाना (ग्रामीण पुलिस) के समन्वय और शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी तथा समुदाय के अन्य नेताओं के सहयोग से छात्रों और विश्वविद्यालय के अफसरों के बीच बातचीत करवाई।

विश्वविद्यालय ने इस मामले में आंतरिक जांच शुरू कर दी है जबकि स्थानीय अधिकारी भी हालात पर नजर रख रहे हैं।

छात्रों का क्या आरोप है?

छात्रों का आरोप है कि सोमवार को उन्होंने रमजान के महीने के दौरान विश्वविद्यालय के ‘मेस’ में सहरी और इफ्तार का इंतजाम करने का अनुरोध किया था। छात्रों ने आरोप लगाया कि इसे लेकर नितिन टंडन ने उनके साथ खराब भाषा का प्रयोग किया और उन सभी का प्रवेश रद्द करने की धमकी दी। इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन भी किया और टंडन के खिलाफ नारे लगाए।

कुलाधिपति चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया कि कुलपति टंडन की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और मामले की जांच के लिए जगराओं के उपमंडल मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।

इल्तिजा मुफ्ती ने की थी कार्रवाई की मांग

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने इस मुद्दे को उठाया है। इल्तिजा ने X पर कश्मीरी विद्यार्थियों का एक वीडियो शेयर किया और कुलपति द्वारा खराब बर्ताव करने का आरोप लगाया। मुफ्ती ने इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से कार्रवाई करने की मांग की। जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान से हस्तक्षेप की मांग की थी।

पंजाब में महिलाओं को मिलेंगे हर माह 1000 रुपये

पंजाब की भगवंत मान सरकार अपने चुनावी वादे (महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 की आर्थिक सहायता) को इस बार के बजट में ही लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।