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वाराणसी में अनोखी क्रिकेट प्रतियोगिता, संस्कृत में हुई कमेंट्री, धोती-कुर्ता पहन खिलाड़ियों ने लगाए चौके-छक्के

वाराणसी के शास्त्रार्थ महाविद्यालय में संस्कृत क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी खिलाड़ी धोती-कुर्ता पहनकर मैदान पर उतरे साथ ही क्रिकेट मैच की कमेंट्री संस्कृत में की गई।

Author February 13, 2019 9:56 AM
वाराणसी में संस्कृत क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन फोटो सोर्स- ट्विटर/ANI

क्रिकेट को लेकर पूरे देश में दीवानगी देखी जा सकती है। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इसको खेलने का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला है। यहां संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एक अनोखा क्रिकेट मैच खेला गया। जिसमें सभी खिलाड़ी पारंपरिक वेशभूषा धोती-कुर्ता पहनकर मैदान में उतरे। खास बात यह रही कि खेल के दौरान कमेंट्री संस्कृत में की गई। बताया जा रहा है कि शास्त्रार्थ महाविद्यालय की तरफ से आयोजित इस क्रिकेट प्रतियोगिता में पांच टीमें हिस्सा ले रही हैं।

बता दें कि वाराणसी में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का शास्त्रार्थ महाविद्यालय अपना 75वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस दौरान एक संस्कृत क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 5 टीमों ने भाग लिया। दिलचस्प बात ये रही कि इस क्रिकेट मैच के दौरान सभी खिलाडियों और अंपायरों ने धोती-कुर्ता पहन रखा था। इसके अलावा इस मैच की कमेंट्री संस्कृत में की गई। बता दें कि इस मैच के आयोजक डॉ गणेश दत्त शास्त्री ने कहा कि हम प्रतिवर्ष इस क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी खासियत ये है कि खेल के दौरान क्रिकेट कमेंट्री संस्कृत में की जाती है।

संस्कृत में हुई क्रिकेट मैच की कमेंट्री

बता दें कि क्रिकेट प्रतियोगिता में अंपायरिंग रणजी खिलाड़ी धीरज मिश्रा और संजीव तिवारी ने धोती-कुर्ता पहनकर किया। उन्होंने बताया कि इसमें चिंतामणि वेद विद्यालय की एक, ब्रह्मवेद विद्यालय की एक, चंद्रमौलि इंटरनैशनल इंस्टिट्यूट और शास्त्रार्थ महाविद्यालय की दो टीमें, की एक टीम हिस्सा ले रही है।

इस क्रिकेट प्रतियोगिता को लेकर शास्त्रार्थ महाविद्यालय के आचार्य पवन कुमार शास्त्री ने एएनआई से बात करते हुए कहते हैं कि ये हमारे लिए गर्व का विषय है कि लोग इसको संस्कृत क्रिकेट प्रतियोगिता कहते है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर लड़कों के हाथ में वेद और पेन होता है वहीं दूसरी तरफ उनके हाथ में बल्ला और गेंद है। आगे पवन कुमार शास्त्री ने कहा कि इस प्रतियोगिता में माथे पर त्रिपुंड लगाकर पारंपरिक वेशभूषा में खिलाडी क्रिकेट खेल रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि देश में इस तरह की ये पहली क्रिकेट प्रतियोगिता है।

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