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JNU में ‘इस्लामिक आतंकवाद’ पर कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव वापस हो: माकपा

माकपा ने देश में उच्च शिक्षण संस्थानों में भाजपा सरकार की दखलंदाजी को शिक्षा प्रणाली के लिये खतरनाक बताते हुये दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में ‘इस्लामिक आतंकवाद’ पर नया कोर्स शुरु करने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है।

Author नई दिल्ली | May 22, 2018 7:03 PM
जवाहर लाल विश्वविद्यालय

माकपा ने देश में उच्च शिक्षण संस्थानों में भाजपा सरकार की दखलंदाजी को शिक्षा प्रणाली के लिये खतरनाक बताते हुये दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में ‘इस्लामिक आतंकवाद’ पर नया कोर्स शुरु करने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है। माकपा पोलित ब्यूरो की सोमवार को हुयी बैठक में शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को धार्मिक आधार पर बदलने, कर्नाटक चुनाव, पेट्रोल डीजल की कीमत, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम में राजनीतिक हिंसा तथा जम्मू कश्मीर में संघर्षविराम के मुद्दों पर पारित प्रस्ताव में केन्द्र सरकार की नीति का विरोध किया गया। पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने आज संवाददाताओं को बताया कि पोलित ब्यूरो ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा द्वारा सत्ता हथियाने के लिये विधायकों की खरीद फरोख्त को रोकने में विपक्षी दलों को मिली कामयाबी का स्वागत किया।

येचुरी ने कहा कि चुनाव हारने के बावजूद गोवा, मणिपुर और मेघालय में भ्रष्ट तरीकों से सत्ता हथियाने की भाजपा की प्रवृत्ति पर कर्नाटक में विपक्ष की एकजुटता के कारण रोक लगी है। इसके फलस्वरूप कर्नाटक में 56.6 प्रतिशत मतदाताओं के समर्थन का प्रतिनिधितत्व कर रही पार्टियां सत्तारूढ़ होंगी। उन्होंने कहा कि जेएनयू में व्यापक विरोध के बावजूद ‘इस्लामिक आतंकवाद’ पर कोर्स शुरु करने का विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद का प्रस्ताव देश की एकता और अखंडता के लिये खतरा है। पोलित ब्यूरो ने इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की।

पोलित ब्यूरो का मानना है कि भाजपा सरकार का शिक्षा व्यवस्था पर लगातार हमला जारी है। इसके तहत भारतीय इतिहास के पाठ्यक्रमों में पौराणिक कथाओं को शामिल करने के अलावा केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों को सांप्रदायिक रंग देना शामिल है। येचुरी ने बताया कि पोलित ब्यूरो ने पेट्रोल और डीजल की अब तक की सर्वाधिक कीमत के लिये केन्द्र सरकार द्वारा जनता से वसूले जा रहे कर एवं शुल्कों की अधिकतम दर को जिम्मेदार ठहराते हुये पार्टी की प्रदेश इकाईयों से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के माध्यम से जनता को एकजुट करने का आह्वान किया। इसी तरह त्रिपुरा में भाजपा और पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार के संरक्षण में माकपा कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों पर पोलित ब्यूरो ने चिंता व्यक्त करते हुये इसकी निंदा की।
उन्होंने बताया कि पोलित ब्यूरो ने जम्मू कश्मीर के हालात को भी चिंता जताते हुये रमजान के दौरान अस्थायी संघर्षविराम की घोषणा को अपर्याप्त बताया। येचुरी ने कहा कि केन्द्र सरकार को रमजान के बाद भी संघर्षविराम जारी रखते हुये पाकिस्तान के साथ आपसी विश्वास बहाली के प्रयास और द्विपक्षीय वार्ता को सुचारु रखना चाहिये।

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