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एनडीएमसी अधिकारियों पर गिर सकती है कार्रवाई की गाज

नई दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस की एक इमारत के एक हिस्से के अचानक गिरने को लेकर अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

Author नई दिल्ली | February 4, 2017 1:28 AM
PTI Photo

नई दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस की एक इमारत के एक हिस्से के अचानक गिरने को लेकर अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस घटना को दबाने के मकसद से नई दिल्ली पालिका परिषद अब एक कमेटी गठित कर रही है। यह कमेटी देखेगी कि इस तरह की घटना क्यों हुई और फिर से ऐसी कोई घटना न हो, इसे लेकर क्या कदम उठाए जाएं। कनॉट प्लेस मेंं जिस जगह पर इमारत का हिस्सा गिरा, वह हेरिटेज के तहत आती है। केंद्र सरकार का भवन उप नियम, जो पूरी राजधानी में मान्य है, उसे यहां एनडीएमसी के अधिकारी मानने से इनकार कर देते हैं। एक तरह से पूरे लुटियन जोन और यहां की हेरिटेज इमारतों का मामला नई दिल्ली नगर पालिका परिषद और हेरिटेज विभाग के बीच उलझ कर रह गया है। उसे लेकर यहां के दुकानदारों की सबसे बड़ी संस्था नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन में काफी नाराजगी है। वह इस घटना के लिए पूरी तरह से एनडीएमसी को जिम्मेदार मानती है। कनॉट प्लेस के सी ब्लॉक में जिस इमारत की छत का एक हिस्सा गिरा, वह यहां की एक मशहूर दुकान जैन बुक डिपो के ऊपर है। किताबों की दुकान के साथ ही यहां एक रेस्तरां भी है। इमारत की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक कैसे गिरा, इसकी अभी जांच चल रही है। किसी का कहना है कि यहां पर कई दिनों से गुपचुप निर्माण चल रहा था, लेकिन एनडीएमसी के अधिकारी इसे लेकर खामोश हैं। कोई ये अधिकारिक रूप से कहने को तैयार नहीं है कि यहां पर कोई निर्माण कार्य चल रहा था। अगर कोई अधिकारी इसकी पुष्टि करता है, तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से नई दिल्ली नगर पालिका परिषद और उसके संबधित अधिकारियों की होगी। लिहाजा पूरी घटना पर लीपापोती करने के मकसद से एक कमेटी बनाई जा रही है।

दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों से पहले कनॉट प्लेस का पुनर्विकास किया गया था, जिसके लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए थे। यहां के सर्किल की दुकानों के बाहरी हिस्से की लीपापोती की गई थी। सभी दुकानों और उनकी ऊपरी मजिलों पर बनी खिड़कियों तक को बदला गया था। सभी दुकानों के बाहर एक ही तरह का रंग किया गया था। यहां के स्थानीय दुकानदारों ने उस दौरान पूरी तरह से एनडीएमसी का साथ दिया था। परिषद ने दुकानों का बाहरी हिस्सा तो ठीक करवा दिया, लेकिन जब दुकानदारों ने समय-समय पर अपनी दुकानों के अंदरूनी हिस्सों की मरम्मत करवानी चाही, तो पालिका परिषद के अधिकारियों ने नई-नई बंदिशें लगानी शुरू कर दीं। दुकानदारों ने कहा कि वे अपनी दुकानों पर जो भी मरम्मत कार्य करवाना चाहते हैं, वह दिल्ली भवन उप नियम के अधीन आता है। इस पर पालिका परिषद के अधिकारियों ने कहा कि उनकी दुकानें हेरिटेज श्रेणी में आती हैं, इसलिए जो भी कार्य करवाना है, उसके लिए उन्हें हेरिटेज विभाग से मंजूरी लेनी होगी। जब यह मामला हेरिटेज कमेटी के सामने पहुंचा तो दुकानदारों से कहा गया कि अगर वे अपनी दुकानों के किसी भी बाहरी हिस्से से कोई छेड़छाड़ करेंगे, तभी हेरिटेज विभाग दखल देगा।

दुकान या भवन के भीतरी हिस्से में अगर कोई बदलाव किया जाता है, तो उसके लिए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद को दिल्ली भवन उप नियम पर अमल करना होगा। इस खींचतान के कारण अगर किसी दुकानदार को कोई निर्माण कार्य करवाना होता है, तो वह पालिका परिषद या फिर हेरिटेज विभाग में आवेदन देने के बजाए चोरी-छिपे निर्माण कार्य करवा लेता है। कनॉट प्लेस में इमारत की छत गिरने की घटना की जांच पुलिस भी कर रही है और उसने पालिका परिषद से रिपोर्ट मांगी है। अगर रिपोर्ट में यह सामने आता है कि यहां पर नियम-कानूनों को ताक पर रखकर कोई निर्माण कार्य चल रहा था, तो उसके लिए जिम्मेदार दुकानदार और परिषद के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

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