कोरोनाः शहडोल में 12 की मौत! परिजन बोले- ऑक्सीजन की कमी है वजह; मंत्री का इन्कार

मध्य प्रदेश के शहडोल मेडिकल कालेज में रविवार की सुबह अस्पताल में ऑक्सिजन की कमी के चलते आईसीयू में भर्ती 6 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। पिछले 25 घंटों में, शहडोल मेडिकल कॉलेज में अबतक 12 लोगों की मौत हो चुकी है।

Shahdol Covid-19 deaths, Madhya Pradesh Covid-19 deaths, Madhya Pradesh oxygen shortage, Shahdol oxygen shortage, MP oxygen shortage deaths, MP Covid cases, MP Covid news, shivraj singh chauhan, covid death, jansattaशहडोल मेडिकल कालेज में ऑक्सिजन की कमी के चलते आईसीयू में भर्ती 6 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। (express file photo)

देश में कोरोना का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। जिसके चलते अस्पतालों में बिस्तर और ऑक्सिजन की कमी देखने को मिल रही है। इसी बीच मध्य प्रदेश के शहडोल मेडिकल कालेज में रविवार की सुबह अस्पताल में ऑक्सिजन की कमी के चलते आईसीयू में भर्ती 6 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। पिछले 25 घंटों में, शहडोल मेडिकल कॉलेज में अबतक 12 लोगों की मौत हो चुकी है।

शहडोल मेडिकल कॉलेज में अचानक तब हड़कंप मच गया जब रात 10 बजे के आसपास आईसीयू की डायरेक्ट सप्लाइ में ऑक्सिजन प्रेशर कम होने के चलते अलार्म बजने लगा। उस वक़्त अस्पताल के आईसीयू में लगभग 62 मरीज थे। मौत की पुष्टि करते हुए, मेडिकल कॉलेज के डीन मिलिंद शिरलकर ने बताया कि शनिवार को टैंक में ऑक्सीजन का स्तर कम चल रहा था और इसे बारे में हमें पता था। ऑक्सीजन रीफिल करने के लिए एक ट्रक आ रहा था।

मिलिंद शिरलकर ने कहा “लेकिन ऑक्सीजन का वह ट्रक दमोह में रुक गया क्योंकि ट्रक चालक रात 12 बजे के बाद ड्राइव नहीं करते हैं। डीन ने बताया है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते अब सिर्फ अति गंभीर मरीजों को ही ऑक्सीजन दी जा रही है।

वहीं मध्यप्रदेश सरकार में चिकित्सा और शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि मरीजों की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं बीमारी की वजह से हुई है। सारंग ने कहा “किसी की भी मौत दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक होती है। लेकिन शहडोल मेडिकल अस्पताल में जो घटना हुई है उसके बारे में वहां के प्रशासन का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई है बल्कि जिन की मौत हुई है उनकी हालत पहले से ही बेहद नाज़ुक थी”

विश्वास सारंग ने आगे कहा “प्रशासन का कहना है कि अगर ऑक्सीजन की कमी के कारण यह घटना होती तो बाकी भी बहुत सारे मरीज वेंटिलेटर में थे उनकी भी तबीयत बिगड़ जाती। लेकिन किसी को कुछ नहीं हुआ जो जैसा था वैसा ही है।” मंत्री ने कहा “वहां ऑक्सीजन पूरी तरह से उपलब्ध थी और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी तरह से ऐसी घटना ना हो।”

कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया था कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। शिवराज ने कहा था कि प्रदेश में न ऑक्सीजन की कोई कमी है ना ही दवाओं की कमी है। सीएम ने कहा था “4000 रेमेडिसिवर अभी उपलब्ध हैं, जबकि 5000 इंजेक्शन रविवार को आ जाएंगे। ऐसे में इनकी कुल संख्या 9000 हो जाएगी।”

इसे लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी दुःख जताते हुए शिवराज सरकार को घेरा है। कमलनाथ ने कहा है ”अब शहडोल में ऑक्सिजन की कमी से मौतों की बेहद दुखद ख़बर. भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, जबलपुर, खंडवा, खरगोन में ऑक्सिजन की कमी से मौतें होने के बाद भी सरकार नहीं जागी? आख़िर कब तक प्रदेश में ऑक्सिजन की कमी से यूँ ही मौतें होती रहेगी?”

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